आर्थोपेडिक सर्जन पर लगे आरोपों का डाक्टरों नें किया खंडन

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आर्थोपेडिक सर्जन पर लगे आरोपों का डाक्टरों नें किया खंडन

देहरादून।

आर्थोपेडिक डॉक्टर पर लग रहे आरोपों का डॉक्टर ने खंडन किया है आपको बताते चले कि ऑर्थोपेडिक सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य के खिलाफ सोशल मीडिया पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा कुछ वीडियो वायरल किए जा रहे जिसका आज आर्थोपेडिक सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूर्णतः निराधार, तथ्यहीन एवं भ्रामक दुष्प्रचार किया जा रहा है डॉक्टर ने बताया कि

यह महिला मरीज 27 दिसंबर शाम 4:00 बजे एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद सिनर्जी अस्पताल की इमरजेंसी में आई थी। स्थानीय पुलिस थाने में विधिवत एमएलसी (मेडिको लीगल केस) भी दर्ज किया गया। मरीज का एक्सरे कराया गया और बताया गया कि हड्‌डी कई टुकड़ों में टूट गई है और सर्जरी की सलाह दी गई।

मरीज के घर वालों ने इलाज करवाने के लिए मना कर दिया और प्राथमिक उपचार करवाने के बाद सिनर्जी अस्पताल से स्वेच्छा से कहीं अन्यत्र लेकर चले गए। लेकिन इसके बाद अगले दिन से ही व्हाट्सएप पर मैसेज प्रसारित होने लगा कि हड्‌डी टूटी ही नहीं है और मरीज को डॉक्टर ने गलत तरीके से ऑपरेशन कराने की सलाह दी है। यह मैसेज बेहद अपमानजनक और अससदीय भाषा में लिखा गया था।

मरीज 30 दिसंबर 2024, को मैक्स अस्पताल भी गया, जहाँ उसका सिटी स्केन भी कराया गया, जिसमें बड्‌डी कई टुकड़ों में टूटी पाई गई और वहां के डॉक्टर ने ऑपरेशन की भी सलाह दी।

किसी की छवि को धूमिल करने का अनावश्यक और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है तथा इससे समाज में डॉक्टर और मरीज का आत्मीय संबंध और विश्वास के रिश्तों को क्षति पहुंचाने का दूषित प्रयास किया ग़या है।
सीनर्जी अस्पताल ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाया है।


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