गंगोत्री हाइवे नालूपानी में भूधंसाव । दोनों ओर से देर रात्रि तक वाहनों की लंबी कतारें

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गंगोत्री हाइवे नालूपानी में भूधंसाव ।
दोनों ओर से देर रात्रि तक वाहनों की लंबी कतारें

उत्तरकाशी

गंगोत्री हाइवे नालूपानी में भूधंसाव और भूस्खलन का दौर थमने का नाम नही ले रहा है। जिससे लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को दोपहर बाद ठीक चार बजे गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नालूपानी में भारी भूस्खलन से सड़क पर पूरा ‘पहाड़’ आ गिरा है जिससे हाईवे पर दोनों ओर से देर रात्रि तक वाहनों की लंबी कतारें लगी थी। लोगों को उम्मीद थी कि देर रात्रि तक हाईवे खुलेगी लेकिन देर रात्रि बीआरओ की मशीनों ने कार्य बंद कर दिया जिससे हाईवे खुलने के इंतजार में बैठे दर्जनों वाहन मायूस होकर वापस लौटें है।

जिला परिचालन केंद्र उत्तरकाशी ने बताया कि बीआरओ की मशीनें दोनों तरफ से कार्य में जुटे है मार्ग को खोलने में 3-4 घंटे लगने की संभावना है। गौरतलब है कि इस बरसाती सीजन में दरकता गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग आपदा से बेहाल नजर आ रहा है। जगह-जगह भूधंसाव और भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर आवागमन जोखिम भरा होने के साथ ही भागीरथी घाटी में भारी मुश्किल हालात का कारण बना है।
हाईवे पर पर धरासू, नालूपानी, रतूड़ीसेरा, बंदरकोट, नेताला, नलूणा, डबरानी, सोनगाड़ आदि सबसे संवेदनशील भूस्खलन प्रभावित जगह हैं। नालूपानी और नलूणा सबसे संवेदनशील है, जहां बिन बारिश भी पहाड़ी से मलबा गिरता रहता है। नलूणा में पिछले दिनों से भूस्खलन होने के कारण बार बार बंद हो रहा है। सड़क मार्ग के बंद होने से लोग परेशानी में है। इतना ही नहीं बीआरओ ने भूस्खलन जोन क्षेत्रों में करोड़ों की लागत से विदेशी टेक्नोलॉजी से ट्रीटमेंट क्या था लेकिन वह ट्रीटमेंट सिर्फ दिखाओ बना और करोड़ों की धनराशि निर्मित सड़क भूस्खलन से तबाह हो गई है ।


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