चमोली
*पालिका क्षेत्र गौचर में पेयजल लाइन के निर्माण से रास्ते व सिंचाई गूलों को हुई क्षति से कास्तकारों के सामने सिंचाई का हुआ घोर संकट*
पालिका क्षेत्र गौचर में पेयजल लाइन के लिये रास्ते व सिंचाई गूलों को भारी क्षति पहुंचाये जाने से काश्तकारों के सामने खेतों में आने जाने व सिंचाई का घोर संकट पैदा हो गया है।
बताया जा रहा है कि पालिका क्षेत्र की पेयजल समस्या को देखते हुए वर्तमान में 35 करोड़ की लागत से नई पेयजल योजना का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना के तहत पनाई गांव के समीप पूर्व में निर्मित टैंक से मुख्य बाजार तक दस इंच व पांच इंच मोटी पाइप लाइन एक साथ बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए ठेकेदार ने जनता को विश्वास में लिए बगैर सिंचाई गूल व एक मात्र आने जाने के रास्ते को क्षतिग्रस्त कर कास्तकारों को घोर संकट में डाल दिया है। ठेकेदार द्वारा फसलों को भी नुकसान पहुंचाने से कास्तकारों में भारी रोश व्याप्त है।
दरअसल इन दिनों धान को रोपाई युद्धस्तर पर जारी है। लेकिन सिंचाई गूल व रास्तों को क्षतिग्रस्त किये जाने से कास्तकार भारी संकट में फंस गये हैं। बंदरखंड गांव से हवाई पट्टी की बाउंड्री के पीछे से खेतों में आने जाने का एक मात्र रास्ते को ठेकेदार द्वारा गड्ढे में तब्दील कर दिया गया है। जिससे काश्तकारों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्राम संगठन अध्यक्ष जगदीश कनवासी, महिला संगठन अध्यक्ष उर्मिला धरियाल, पूर्व अध्यक्ष विजया गुसाईं, जशुंधरा कनवासी, मनोरमा गुसाईं, भागीरथी कनवासी, दिलदेई नेगी, आदि का कहना है कि ठेकेदार की गल्ती से कई लोग धान की रोपाई से भी वंचित हो गए हैं। इन लोगों का कहना है कि कास्तकारों की कोई सुनने को तैयार नहीं है। जब तक फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जाता है तब तक कार्य नहीं करने दिया जाएगा।
