पिंडर वेली कॉन्टैक्टर एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, एक राज्य एक विधान एक रेट एक नियम करने की मांग।
थराली।
पिंडर वेली कांट्रेक्टर एसोसिएशन थराली ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उप जिला अधिकारी थराली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया, संगठन के अध्यक्ष दिनेश रावत ने बताया ज्ञापन में राज्य सरकार के सभी निर्माण संस्थाओं को एक राज्य एक विधान एक रेट एक नियम के अनुसारकरने, दस करोड़ तक के कार्य उत्तराखंड के स्थाई व मूल लोगों को दिया जाए तथा निविदा मे निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता की जाए, एवं पांच करोड़ तक निविदा सिंगल विड सिस्टम से दी जाए फेज प्रथम एवं द्वितीय निविदा को संयुक्त रूप से किया जाए तथा प्रथम एवं द्वितीय चरण की संयुक्त निविदा को प्रति किलोमीटर मानक दूरी के आधार पर दिया जाए जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके केंद्र व राज्य सरकार के बजट का 80% के निर्माण कार्य उत्तराखंड के लोगों द्वारा निर्माण कराया जाए श्रेणी डी, सी,बी,की कार्य क्षमता डेढ़ करोड़ से बड़ा कर छः करोड़ करने तथा बड़े कार्यो को छोटे-छोटे कार्यों में बांटने का अधिकार खंड कार्यालय के अधिशासी अभियंता को दिया जाए, रजिस्ट्रेशन नियमों में सरलीकरण कर समय पांच वर्ष किया जाए तथा सभी निर्माण विभागों में एक से नियम करने निर्माण कार्य के एस ओ आर रेट पी ए आर रेटो के अनुरूप करने एस ओ आर का प्रतिवर्ष महंगाई की दर के अनुसार बढ़ाने, खनिज रॉयल्टी को एस ओ आर में बदलने ऑफलाइन का काम 10% धरोहर धनराशि का भुगतान ब्याज सहित करने खनिज सामग्री की उपलब्धता एस ओ आर रेट के अनुरूप करने तथा नदी नालों एवं गाड गधेरों से खनिज निकासी का अधिकार उप जिला अधिकारी को देने, कार्य स्थल पर पड़ी सामग्री का बीमा करवाने तथा अत्यधिक वर्षा आपदा अपनी बहन भूखटाव के कारण क्षतिग्रस्त कार्यों को आपदा के अंतर्गत समायोजित करने तक निर्माणाचार्य पर दोबारा बनाने का दबाव डालने की मांग की गई है ज्ञापन में यशपाल सिंह नेगी, हरेंद्र गड़िया, दर्शन नेगी, सुजान सिंह भंडारी, प्रेम शंकर रावत, गोपाल सिंह दानु, राकेश भारद्वाज,दलबीर सिंह रावत,नैन सिंह खत्री,गजेंद्र रावत खिलाफ सिंह बिष्ट, मनोज चंदोला,गब्बर सिंह बिष्ट, विनोद चंदोला, उमेश पुरोहित, राकेश जोशी,हरिशचंद्र, कुंदन सिंह परिहार,दिनेश खत्री, मनोहर सिंह,केडी कुनियाल, लखन रावत,कुंदन सिंह बिष्ट आदि के हस्ताक्षर हैं।
