नारायणबगड़, चमोली।
सुरेंद्र धनैत्रा
बीती 26 जुलाई की रात्रि को कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे पर नलगांव-आमसोड़ के बीच प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर वाहन समेत पिंडर नदी में बहे दो युवकों की खोज का काम।

शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त वाहन के पिंडर नदी में देखे जाने के बाद रविवार को भी जारी रहा लेकिन रेस्क्यू टीम उफनती पिंडर नदी में डूबे वाहन तक पूरी तरह पहुंचने में कामयाबी नहीं हो पाई ।फिलहाल ट्राला वाहन को रस्सों के सहारे बांध कर सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे थे।

रविवार को पिंडर नदी में डूबे वाहन का रेस्क्यू करने के लिए थाना पुलिस थराली,राजस्व विभाग और एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची लेकिन पिंडर नदी का बहाव अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम वाहन तक पहुंच नहीं बना पाई।जिस कारण एक बार फिर से डांगतोली गांव निवासी लापता धीरज सिंह और दूसरा नेपाली मूल का प्रदीप सिंह के परिजनों और क्षेत्रवासियों में मायूसी छाई हुई है।

थानाध्यक्ष थराली पंकज कुमार एवं एनडीआरएफ टीम लीडर इंस्पेक्टर अरविंद ने बताया कि जिस स्थान पर वाहन के अवशेष दिखाई दे रहे हैं वहां पर जवानों को खड़ा रहने में भी मुश्किल हो रही है और वहां पर वाहन से ज्यादा छेड़छाड़ करना उचित भी नहीं था ऐसे में नदी के बहाव को देखते हुए फिलहाल वाहन को सुरक्षित रखने के लिए रस्सियों से बांधने की कोशिश की जा रही है।ताकि बहाव के कम होने पर वाहन को नदी से बाहर निकाला जा सके।

कहा कि इस दौरान नदी के उफनते पानी के कम होने के इंतजार के साथ साथ लगातार निगरानी रखी जाएगी।इस अवसर पर पुलिस रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह रावत एवं नायाब तहसीलदार दिगंबर सिंह नेगी भी मय राजस्व टीम के साथ मौजूद थे।
