सड़क धंसने से पैदल आवाजाही हुई खतरनाक ।
बडकोट ।
यमुनोत्री धाम के फूलचट्टी में सड़क धंसने से पैदल आवाजाही हुई खतरनाक हो गई है। लोग दीवार पकड़कर आवाजाही कर रहे हैं। आवाजाही के दौरान पैर फिसलकर गिरने का बना हुआ है ।
फूलचट्टी से जानकीचट्टी के बीच करीब 200 मीटर सड़क धंसने के कारण आवाजाही का खतरा बना है। स्थानीय लोग दीवार पकड़कर आवाजाही करने को मजबूर हैं। इस दौरान पैर फिसल कर खाई में गिरने का भय भी बना हुआ है । वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मशीनरी यमुनोत्री हाईवे को सुचारू करने के लिए बनास से आगे नहीं बढ़ पाई है। यमुनोत्री धाम की यात्रा को लेकर जिला प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत में अंतर है। अभी तक वाहनों की आवाजाही तो दूर पैदल चलने के लिए वैकल्पिक पैदल मार्ग तक नहीं बन पाया है। फूलचट्टी के पास सड़क पर भू-धंसाव के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं यमुनोत्री हाईवे की मशीनरी आज भी बनास गांव से आगे नहीं बढ़ पाया है। जिला प्रशासन का कहना है कि 13 सितंबर से यमुनोत्री की यात्रा शुरू हो जाएगी। इस बार अधिक बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे पिछले 19 दिनों से जगह-जगह बाधित रहने के कारण आज 20वें दिन भी नहीं खुल पाया। फूलचट्टी से जानकीचट्टी जोड़ने वाली लोनिवि बड़कोट की सड़क फूलचट्टी के पास भू-धंसाव होने से लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो रखा है। ऐसे में जिला प्रशासन आखिर कैसे यमुनोत्री की यात्रा शुरू करवाना चाह रहा है। हालांकि एनएच के ईई मनोज रावत कहते हैं कि बनास नारदचट्टी के पास पत्थर आने से दिक्कत हो रही है। उम्मीद है कि कल सुबह तक फूलचट्टी तक हाईवे पर आवाजाही शुरू हो जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि 13 सितंबर से यमुनोत्री की यात्रा शुरू हो जाएगी। इस बार अधिक बारिश के चलते यमुनोत्री हाईवे पिछले 19 दिनों से जगह-जगह बाधित होने से 20वें दिन भी हाईवे नहीं खुल पाया जबकि फूलचट्टी से जानकीचट्टी जोड़ने वाली लोनिवि बड़कोट की सड़क फूलचट्टी के पास भू-धंसाव होने से लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो रखा है।
