- विधायक समर्थकों पर निदेशक से मारपीट का आरोप, दफ्तर में तोड़फोड़
- शिक्षा निदेशक पर हमले से भड़के कर्मचारी, कार्यबहिष्कार का ऐलान
- विधायक काऊ और समर्थकों के खिलाफ थाने में दी तहरीर
- देहरादून।
- प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में शनिवार दोपहर उस समय हंगामा मच गया, जब रायपुर से भाजपा विधायक अपने समर्थकों के साथ कार्यालय में पहुंचे और निदेशक के कक्ष में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ की। घटना में निदेशक सहित कई कर्मचारी घायल हो गए। सूचना पर पुलिस को बुलाया गया और घायल निदेशक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

- शनिवार दोपहर करीब 12:10 बजे विधायक अपने समर्थकों के साथ निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा के कार्यालय पहुंचे। उस समय निदेशक कक्ष में विभागीय कार्यों को लेकर कर्मचारियों के साथ बैठक कर रहे थे। आरोप है कि विधायक ने कक्ष में प्रवेश करते ही कर्मचारियों को गाली-गलौच कर बाहर निकाल दिया। इसके बाद दरवाजा बंद कर दिया गया और निदेशक को अकेला कर दिया गया।
- निदेशक ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन्हें लगातार धमकाया और मौके पर ही विद्यालय से जुड़े प्रकरण का निस्तारण करने का दबाव बनाया। निदेशक ने बताया कि मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
- कक्ष के बाहर मौजूद कर्मचारियों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी तो पुलिस को 112 पर सूचना दी। कुछ देर बाद दरवाजा खोला गया, लेकिन तब तक विधायक समर्थक उग्र हो चुके थे। कर्मचारियों के बीच-बचाव करने पर उन पर भी हमला किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों के साथ भी अभद्रता किए जाने का आरोप है। मारपीट में निदेशक की आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।
- बताया जा रहा है कि जाते समय हमलावरों ने कार्यालय की फाइलें फाड़ दीं, कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गए और फर्नीचर उठाकर कर्मचारियों पर फेंका। बाहर निकलते समय कार्यालय बोर्ड और गमलों को भी नुकसान पहुंचाया गया। निदेशक का आरोप है कि उन्हें और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
- घटना के बाद निदेशक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने संबंधित पक्षों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई और अपनी व कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
- 1. *बयान*
- कार्यालय का दरवाजा बंद कर पहले अभद्रता की गई और फिर हमला किया गया। उनका कहना है कि जिस स्कूल के नाम परिवर्तन को लेकर विधायक पहुंचे थे, उस पर निर्णय शासन स्तर पर होता है।
_ *अजय कुमार नौडियाल, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा देहरादून* - 2. . *बयान*
- अपने पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि निदेशक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और खुद पर हमला करवाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई।
_ *उमेश शर्मा काऊ, विधायक, रायपुर* - 3. . *बयान*
- यह घटना न केवल एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की गरिमा पर आघात है, बल्कि पूरे शासन-प्रशासन के मनोबल को गिराने वाली है। जब जनप्रतिनिधि स्वयं कानून हाथ में लेकर इस प्रकार की हिंसक कार्रवाई करें, तो आम जनता से कानून के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
_ *गरिमा मेहरा दसौनी, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस*
4. *बयान*
- प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जब सत्ता पक्ष के विधायक ही कानून हाथ में लेने लगें तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि आरोपी विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्रशासनिक कार्य बाधित न हों और बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित न हों।
_ *गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड*
