38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों की अनदेखी पर युवाओं का प्रदर्शन
देहरादून।
38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी उत्तराखंड कर रहा है, लेकिन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन निराशाजनक साबित हो रहा है। प्रदेश के कई खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें अपनी ही टीम में खेलने का मौका नहीं दिया गया, जबकि बाहरी राज्यों—यूपी और हरियाणा—के खिलाड़ियों को अधिक महत्व दिया गया है।
इस मुद्दे को लेकर असंतुष्ट खिलाड़ी देहरादून के परेड ग्राउंड में धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सालों तक मेहनत कर प्रशिक्षण लिया, लेकिन अब जब उन्हें अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना चाहिए था, तब उन्हें दरकिनार कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों ने इसे ‘बड़ा खिलवाड़’ करार दिया और सरकार से जवाब मांगा।
वहीं, सरकार ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि राष्ट्रीय खेलों में चयन की प्रक्रिया पूरी तरह से कोचिंग स्टाफ और संबंधित विभागों के अधीन होती है, और इसमें सरकार का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता।
उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों की इस अनदेखी से खेल जगत में रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों ने सरकार से न्याय की मांग की है और कहा है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
