चमोली
केन्द्र सरकार के चार श्रम संहिताओं पर रोक लगाने हेतु सीटू चमोली ने राष्ट्रपति को प्रेषित किया ज्ञापन
सैन्टर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर सीटू चमोली जिले की कमेटी द्वारा तहसील मुख्यालय कर्णप्रयाग में धरना प्रदर्शन करते हुऐ केंद्र सरकार के चार श्रम संहिताओं को लागू करने पर रोक लगाये जाने हेतु उपजिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।

पोखरी व विकासखंड कर्णप्रयाग के विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों ने सीटीयू चमोली कमेटी के नेतृत्व में इकट्ठा होकर तहसील कार्यालय कर्णप्रयाग में धरना प्रदर्शन किया। केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाऐ गये श्रम विरोधी चार श्रम संहिताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुऐ राष्ट्रपति को भेजे गये 17 सूत्रीय ज्ञापन (मांग पत्र) में कहा गया है कि भारत सरकार नीजिकरण के एजेंडे के तहत देश की सभी प्रमुख रणनीतिक सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरणों और सार्वजनिक सेवाओं जैसे रेलवे, बन्दरगाह, कोयला खदानें, पैट्रोलियम क्षेत्र, इस्पात,रक्षा उत्पादन, सड़क मार्ग, हवाई अड्डे, बैंक,, बीमा, दूर संचार, डाक, परमाणु ऊर्जा, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण आदि महकमों को घरेलू व विदेशी बड़ी निजी कम्पनियों को बेचने के एजेंडे को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है। जिससे स्वदेशी औधौगिक विकास और आत्म निर्भर अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ रही है। जिसके कारण मजदूर विरोधी यह चार श्रम संहिताओं को लागू किया जा रहा है। यह चार श्रम संहिताऐं ट्रेड यूनियन के अधिकार और सामुहिक अधिकार के संदर्भ में ट्रेड यूनियन को बुरी तरह प्रभावित करता है। कहा गया है कि श्रम संहिताऐं श्रमिकों और उनकी ट्रेड यूनियनों को गुलाम बनाऐ जाने की साज़िश है। जो नियुक्ता वर्ग को सार्वजनिक संसाधनों की लूट व श्रमिक वर्ग पर अपना शोषण जारी रखने की शक्ति प्रदान करता है। 17 सूत्रीय मांगों के निराकरण किऐ जाने की मांग भी की गई है।
धरना प्रदर्शन एवं ज्ञापन प्रेषित करने वालों में में सीटू चमोली जिले के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, जिला मंत्री जीतेन्द्र मल्ल, जिला कोषाध्यक्ष धीरज नेगी, डीबीएल अध्यक्ष मिलन भंडारी, भोजन माता संगठन की अध्यक्षा उर्मिला देवी, मेघा इंजीनियर व डीबीएल कम्पनी के समस्त श्रमिक, ग्राम प्रहरी, वाल फिटर, आशा कार्यकत्री, भोजन माताऐं आदि मौजूद रहे।
