उर्गम घाटी के भरकी गांव आजकल देवमय हुआ

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चमोली 

उर्गम घाटी के भरकी गांव आजकल देवमय हुआ
माता कालिंका मैदयूल धार देवी (मायाधार देवी)देवरा माह 10 जुलाई 2025 से माह 22 फरवरी 2026 तक विभिन्न गांव व देवता मिलन के बाद अपने मूल गांव भरकी में पहुंच गयी है।

आजकल मेला प्रारंभ हो चुका है जिसमे सबसे पहले श्री गणेश भत्ता 09 फरवरी, 11 फरवरी को भूमियाल भत्ता,13 फरवरी स्वनुल भत्ता,15 फरवरी कालिंका के पुजारी द्वारा भत्ता दिया जायेगा भत्ता,16 फरवरी को पदान भत्ता,18 फरवरी को कालिंका भत्ता,19 फरवरी को न्यूतारू बुलावा व माता कालिका मायाधार देवी बन्यात मे प्रस्थान करेगी( समस्त भक्तो द्वारा माता को विदाई देना ), 21 फरवरी को उर्गम/ थैग/ पल्ला जखोला से आने वाले भक्त जन यानि न्यूतारू का आवागमन , 22 फरवरी 2026 को न्यूतारू विदाई ( मेला समापन),23 फरवरी को माता अपने मूल स्थान पर पूजा अर्चना के साथ अपने मूल स्थान गर्भ ग्रह में प्रस्थान हो जायेगी ।


नौ माह रथयात्रा मै मैय्या ब्लॉक जोशीमठ व दशोली गांवो के लगभग 945 किलो मीटर पैदल यात्रा व 98 गांवो में भ्रमण कर 181 दिनो तक पदयात्रा में रही ।

लगभग 180 ध्याणियो ने भत्ता दिया व 435 विभिन्न ध्यणियो ने माता को सूपा दिया (यानि सूपा को भरकर अनाज दिया जाता है ) 51 गांवो के लोगो ने अपने- अपने गांव में आवा भक्ति कर सामूहिक भत्ता दिया।


इस भव्य देवरा रथयात्रा में आर्चाय पं० प्रशान्त, कालिका मायाधार देवी पुजारी गुड़वीर चौहान, जगरोई लक्ष्मण सिंह पंवार, रघुवीर सिंह चौहान, भूमियाल देवता पश्वा लक्ष्मण सिंह नेगी, दाणी माता पश्वा रणजीत सिंह चौहान, कालिंका धारी अशोक चौहान, प्रदीप पंवार, महेन्द्र रावत, मैदयुल धार देवी धारी अरविन्द फर्स्वाण, दर्शन चौहान, सुभाष रावत, प्रताप पंवार तथा भान दीपक, ढोल बादक जयदीप दास, प्रदीप व कुन्दन लाल ने लगातार सहयोग कर रहे है ।


नौ माह पद रथयात्रा मे कालिंका माता के साथ मैदयुल धार देवी (मायाधार देवी), देवता भूमियाल की छड़ी व भूमियाल व दाणी माता के निशान (,कटारे)रहे ।
मेला समिति के अध्यक्ष हर्षवर्धन फर्स्वाण कोषाध्यक्ष नंदा सिंह नेगी , उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह रावत, सचिव रघुवीर सिंह चौहान है।


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