शिवरात्रि के पर्व पर भक्तो ने किया ज्योतेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक

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शिवरात्रि के पर्व पर भक्तो ने किया ज्योतेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक

चमोली।

आदिगुरु शंकराचार्य की तपस्थली और करोड़ों हिंदुओ का आस्था का केन्द्र ज्योतिर्मठ में ज्ञान स्वरूप ज्योतेश्वर महादेव मन्दिर में महा शिवरात्रि के पावन पर्व पर सुबह से ही शिव भक्तों को भारी भीड़ रही सुबह से ही शिवभक्त गंगाजल, दूध, दही, से भगवान ज्योतेश्वर् महादेव का अभिषेक किया गया, सुबह 4बजे मंदिर के कपाट खुले भगवान ज्योतेश्वर् महादेव का रुद्राभिषेक किया गया पूरी देश और दुनियां की खुशहाली और सुख समृद्धि की भगवान ज्योतेश्वर महादेव से कामना की गईं,पुजारी महिमानंद उनियाल ने वेद मंत्रों और मंत्र पुष्पांजलि के बीच भगवान ज्योतेश्वर महादेव दूध,दही,शहद,गंगाजल के साथ अभिषेक किया,और इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया,इसके साथ पूरे देश और विश्व की मंगल कामना मंत्रों के माध्यम से किया गया, इसके साथ साथ दिनभर भगवान की आज विशेष पूजा अर्चना की चलती रही पुजारी महिमानंद उनियाल ने बताया कि 2527 साल पहले आदिगुरु शंकराचार्य यहां आए थे,वे भगवान शंकर के 11वे अवतार माने जाते है,उन्होंने यहां पर अमर कल्पवृक्ष के नीचे 5साल घोर तप किया था,यही पर उन्हें दिव्य ज्ञान ज्योति की प्राप्ति हुई थी,इसलिए ये ज्योति के ईश्वर ज्योतेश्वर महादेव ज्ञान के महादेव कहलाए,यही से बद्रीनाथ धाम जाकर भगवान बद्री विशाल की मूर्ति जो नारद कुंड में फंकी गई थी ,उसे निकालकर पुन मंदिर में स्थापित किया था,यही से लुप्त हो रहे सनातन धर्म की रक्षा की थी,उन्होंने भारत को एकता के सूत्र में बंधने के लिए भारत के चार कोनो में चार पीठों की स्थापना की,खुद ज्योतिषपीठ सबसे पवित्र पीठ में 5 सालों में कई धार्मिक ग्रंथों शांकरभाष्य सहित अन्य की रचना की,यहां पर शिवरात्रि में भगवान ज्योतेश्वर का अभिषेक करने से अन्य तीर्थों की तुलना में कई गुना फल प्राप्त होता है।


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