शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण
एनएसजी अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
देहरादून।
शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह, अशोक चक्र के पैतृक गांव चीढबाघ स्थित जनता इंटर कॉलेज, नया गांव परिसर में उनकी प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) के अधिकारी, विद्यालय के मुख्याध्यापक और ग्रामीणों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। एनएसजी के अधिकारियों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को याद किया।
एनएसजी के सहायक कमांडर रंधीर सिंह और अशोक कुमार ने इस मौके पर कहा, “हवलदार गजेंद्र सिंह का बलिदान देश के हर जवान के लिए प्रेरणा है। वे अपने प्राणों की परवाह किए बिना राष्ट्र की सेवा में तत्पर रहे। उनका जीवन और शहादत हमें गर्व से भर देती है।”
हवलदार गजेंद्र सिंह का जन्म 1 जुलाई 1972 को पिता दौलत राम और माता शिवदेई देवी के घर हुआ था। उन्होंने भारतीय सेना की 10 पैरा (विशेष बल) बटालियन में अपनी सेवाएं दीं और बाद में एनएसजी की 51 विशेष कार्य समूह (51 SAG) में प्रतिनियुक्ति पर शामिल हुए। 8 जनवरी 2008 को एनएसजी में अपनी सेवा शुरू करने वाले गजेंद्र सिंह को मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के दौरान नरीमन हाउस में ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो के लिए तैनात किया गया था।
ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो में बलिदान
28 नवंबर 2008 को ऑपरेशन ब्लैक टोर्नेडो के दौरान आतंकवादियों से हुई भीषण मुठभेड़ में हवलदार गजेंद्र सिंह को गोली लग गई। देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर सपूत को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, जो भारत का सर्वोच्च शांति काल वीरता पुरुष्कार
श्रद्धांजलि सभा में भावुक माहौल
प्रतिमा अनावरण समारोह में उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने शहीद के सम्मान में नारे लगाए। एनएसजी अधिकारियों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि गजेंद्र सिंह की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शहीद की वीरता को याद करते हुए एक स्मृति सभा का आयोजन भी किया गया।
शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह की यह प्रतिमा न केवल उनके गांव की शान बढ़ाएगी, बल्कि युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित भी करेगी।
