डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

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गौचर / चमोली। 
डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्णप्रयाग में संविधान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

26 नवंबर 2025 को डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में संविधान दिवस बड़े ही उत्साहपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक वाचन से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित अतिथियों ने राष्ट्रीय चेतना और सम्मान की भावना के साथ सहभागिता की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर. सी. भट्ट ने संविधान निर्माण प्रक्रिया, संविधान सभा की भूमिका एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर के योगदान पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल विधिक दस्तावेज नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया। डॉ. कविता पाठक ने भारतीय संविधान की विशिष्टताओं, विशेषकर धर्मनिरपेक्षता, समानता और सामाजिक न्याय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संविधान अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों का भी पाठ पढ़ाता है। डॉ. मदन लाल शर्मा ने संविधान को सामाजिक परिवर्तन का शक्तिशाली माध्यम बताया तथा कहा कि समय-समय पर किए गए संशोधनों ने इसे और अधिक प्रगतिशील स्वरूप प्रदान किया है। डॉ. हरीश रतूड़ी ने लोकतंत्र की मजबूती में नागरिक सहभागिता की भूमिका पर बल दिया, वहीं डॉ. वी. आर. अंथवाल ने संविधान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवाधिकारों एवं आधुनिक भारत की आधारशिला बताया। डॉ. दिशा शर्मा ने संविधान की प्रस्तावना में समाहित मूल्यों को मानव जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि संविधान केवल अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन में उतारने योग्य ध्येय है।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें सलोनी, अमीषा, दिया और पल्लवी ने संविधान की प्रासंगिकता, लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों तथा न्यायिक व्यवस्था जैसे विषयों पर अत्यंत प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के नवीन नेगी एवं अब्दुर्र रहमान द्वारा संविधान आधारित विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिससे विद्यार्थियों को संविधान की संरचना एवं प्रक्रिया संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. कीर्तिराम डंगवाल ने किया तथा अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएँ एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। यह आयोजन विद्यार्थियों में संवैधानिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं राष्ट्र एकता की भावना को सुदृढ़ करने में अत्यंत महत्वपूर्ण और सफल सिद्ध हुआ।


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