शताब्दी महोत्सव से पूर्व हरिद्वार पहुँचा पवित्र नदी स्थलों का जल ।

खबर शेयर करें

शताब्दी महोत्सव से पूर्व हरिद्वार पहुँचा पवित्र नदी स्थलों का जल ।

उतरकाशी 
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा जनवरी 2026 में प्रस्तावित शताब्दी महोत्सव की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर जारी हैं। आयोजन से पूर्व होने वाले विशेष पूजन-अर्चन हेतु देश के अनेक पवित्र स्थलों से जल तथा रज (पवित्र मिट्टी) का संग्रह कर उसे बैरागी द्वीप, हरिद्वार में पहुंचाया जा रहा है। अब तक उत्तराखण्ड में स्थित हरकी पौड़ी, बिल्केश्वर, उत्तरकाशी, गोमुख, गंगोत्री धाम, बद्रीनाथ धाम, यमुनोत्री, गोदावरी, नीलकंठ महादेव समेत पचास से अधिक सिद्ध स्थानों, शक्तिपीठों एवं पवित्र उद्गम स्थलों का जल-रज यहां पहुंच चुका है।
शांतिकुंज के अनुसार विभिन्न राज्यों में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों, स्थानीय सिद्धपीठों तथा आध्यात्मिक महत्त्व वाले स्थलों से भी जल और रज निरंतर आ रहा है। इन सभी जल-रज को एकत्र कर महोत्सव के दौरान होने वाले विशेष वैदिक कर्मकांड, पूजन और अभिषेक में उपयोग किया जायेगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य देशभर की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक एकता को एक ही स्थल पर संग्रहीत करना है।
इस बीच उत्तरकाशी के प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी  अरविन्द कुडियाल द्वारा एकत्र किए गए दुर्लभ और महत्वपूर्ण स्थलों के जल को भी हरिद्वार भेजा गया है। इनमें तिब्बत स्थित मानसरोवर, लद्दाख की प्रसिद्ध पेंगोंग झील, व्यास नदी के उद्गम स्थल, गंगोत्री यमुनोत्री, गोमुख, काशी विश्वनाथ उत्तरकाशी, गंगासागर, अमृतसर, भीमाशंकर, पंच-ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम् सहित देशभर के 21 पवित्र कुण्डों का जल शामिल है। इस संग्रह का एक भाग गायत्री परिवार के प्रतिनिधि चन्द्रप्रकाश बहुगुणा ने विधिवत हरिद्वार पहुंचाया, जिसे अब विशेष महोत्सव की तैयारियों में सम्मिलित किया जा रहा है।


खबर शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *