चमोली
*भगवती राजराजेश्वरी मां चण्डिका देवी का मंदिर के गर्भगृह से बाहर आते ही देवी मां की दियोरा यात्रा का शुभारंभ हो गया है।
दर्जनों गांवों की आराध्य सिमली स्थित मां भगवती राज राजेश्वरी चंडिका देवी का गर्भगृह से बाहर आते ही गोलगोविन्द गुणसांई राजराजेश्वरी मां चण्डिका की दियोरा (बन्याथ) भ्रमण यात्रा 2024 – 25 का हजारों की संख्या में मौजूद भक्तों की जयकार के साथ शुभारंभ हो गया है।

शनिवार प्रातः से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण मंदिर परिसर में पहुंच कर गर्भगृह से बाहर आते हुऐ भगवती के आशीर्वाद और दर्शन करने को एकत्रित रही।
प्रातः आठ बजे से पंडित गणेश खंडूरी, सत्य प्रसाद खंडूरी, महेन्द्र प्रसाद गैरोला, संजय गैरोला, कांन्ती प्रसाद गैरोला, प्रदीप गैरोला, कृष्णा गैरोला ने बैदिक मंत्रों से देवी की अभिषेक पूजा अर्चना, पंचांग पूजा राजोंपचार पूजन, आवरण पूजन गर्भगृह में करते हुऐ देवी देवताओं का आह्वान किया गया।कुछ देर बाद गाजे बाजे भंकुरी, शंख घण्टे के साथ बस्क्वाली गांव का लाटू देवता सिमली सैनू आदि गांवों की कीर्तन भजन एवं मां के जयकारे लगाते हुऐ महिलाओं व पुरुषों के साथ चंडिका मंदिर सिमली पहुंचे।

भाई – बहन मिलन के मार्मिक दृश्य को देखकर सभी भक्त उत्साहित हुऐ। लाटू देवता के अभिवादन पर भगवती चंडिका देवी 10 माह की दियोरा यात्रा के लिए मंदिर के गर्भ ग्रह से निकल पडी। चंडिका देवी के गर्भ ग्रह से बाहर आते ही माता के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों में देवता अवतरित भी हुऐ।
चंडिका देबी को गर्भगृह से बाहर बनातोली देवी मंडप में स्थापित किया गया।
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल द्वारा मां चण्डिका देवी की पूजा अर्चना करते हुए क्षेत्र की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की गई। मंदिर परिसर में बने पांडल में महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों, स्कूली छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह लडोला द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कुवंर सिंह सेंनवाल सिमली वालों ने एक कुतंल गेंदा के फूलों से मंदिर को सजाने में अपना योगदान दिया। भारी भीड़ को देखते हुऐ पुलिस प्रशासन को नियन्त्रण करने में काफी मेहनत करनी पड़ी । यातायात व्यवस्था बाधित न हो इसके लिए पुलिस द्वारा वाहनों की आवाजाही के लिए जगह – जगह तथा दुग्ध उत्पादन केंद्र सिमली परिसर में पार्किंग की ब्यवस्था बनायी गई थी।
