टीएचडीसी की वीपीएचईपी परियोजना ने यूनिट-2 के स्पाइरल केस का हाइड्रो स्टैटिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया

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टीएचडीसी की वीपीएचईपी परियोजना ने यूनिट-2 के स्पाइरल केस का हाइड्रो स्टैटिक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया

पीपलकोटी/चमोली 

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की विष्णुगाड़–पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (4×111 मेगावाट) ने आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। परियोजना के पावर हाउस स्थित यूनिट-2 के स्पाइरल केस का हाइड्रो स्टैटिक टेस्ट (HST) सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

यूनिट-2 के हाइड्रो स्टैटिक टेस्ट के सफल समापन के साथ परियोजना निर्माण की प्रगति में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ा है और यह उपलब्धि वीपीएचईपी के शीघ्र कमीशनिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हाइड्रो स्टैटिक टेस्टिंग जल विद्युत परियोजनाओं के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसके माध्यम से उच्च जलदाब की स्थिति में प्रमुख संरचनाओं की मजबूती, स्थायित्व और सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री अजय वर्मा सहित श्री रवींद्र सिंह राणा, महाप्रबंधक (ईएम), श्री संजय ममगाईं, अपर महाप्रबंधक (एचएम/मैकेनिकल), श्री अजय कुमार, अपर महाप्रबंधक (जी एंड जी), श्री ए.के. श्रीवास्तव, अपर महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा), श्री करण बारगली, उप महाप्रबंधक (ईएम) तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री अजय वर्मा ने कहा:
“यूनिट-2 के स्पाइरल केस के हाइड्रो स्टैटिक टेस्ट का सफल समापन एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि है। यह वीपीएचईपी टीम और हमारे सहयोगी संस्थानों की सामूहिक प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय का परिणाम है। मैं हमारे अभियंताओं, साइट टीमों और ठेकेदारों—बीएचईएल तथा शिवालिक—के सतत परिश्रम और समर्पण की सराहना करता हूँ।”

यह उपलब्धि टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की स्वच्छ, हरित एवं सतत ऊर्जा समाधान को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है तथा आत्मनिर्भर भारत एवं भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है।


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