नर्सिंग एकता मंच ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से मिलकर सौंपा ज्ञापन
देहरादून।
लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग एकता मंच का धरना सोमवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। इतने लंबे आंदोलन के बावजूद अब तक सरकार की ओर से किसी भी प्रतिनिधि के वार्ता के लिए न पहुंचने पर नर्सिंग कर्मियों में रोष और नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
धरने को संबोधित करते हुए नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि नर्सिंग कर्मियों की मांगें पूरी तरह जायज़ हैं और वर्षों से लंबित हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे सैकड़ों नर्सिंग कर्मियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शीघ्र वार्ता कर ठोस निर्णय लेने की मांग की। आंदोलनरत कर्मियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी ने बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
इसी बीच नर्सिंग एकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर नर्सिंग भर्ती से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर जल्द समाधान का प्रयास करेंगे।
नर्सिंग एकता मंच ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कोई ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में राजेंद्र प्रसाद, सुभाष रावत, लक्ष्मी कठेत, प्रवेश रावत और पूजा कालरा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की जानकारी दी।
