मानदेय न मिलने पर सफाई कर्मियों का फूटा गुस्सा
वेतन न मिलने से गुस्साएं आउटसोर्स कर्मचारियों ने ओपीडी के बाहर दिया धरना।
देहरादून।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों को एक माह से वेतन न मिलने पर शुक्रवार को हड़ताल शुरू कर दी। सफाई कर्मियों के ओपीडी भवन के बाहर धरना देने से अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे, फर्श गंदे रहे और शौचालयों की हालत भी बेहद खराब हो गई। यहां तक कि डॉक्टरों के कक्षों में भी पोंछा नहीं लग सका। दिनभर फैली दुर्गंध के कारण मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वेतन भुगतान होने तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों के काम पर न होने से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं।
*दो माह से वेतन नहीं, बच्चा अस्पताल में भर्ती*
हड़ताल में शामिल देहरादून निवासी निर्मला (30) ने बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें से एक बच्चा पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने कहा कि करीब एक माह से वेतन नहीं मिला है। किराया न दे पाने पर मकान मालिक लगातार कमरा खाली करने का दबाव बना रहा है। वेतन न मिलने से बच्चों की पढ़ाई, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।
*आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ भुगतान*
सफाई कर्मचारी मीनाक्षी (45) ने बताया कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी कर रहे हैं और हाजिरी भी दर्ज हो रही है, इसके बावजूद वेतन का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों के पास किराया, बच्चों की फीस और इलाज के लिए भी पैसे नहीं हैं। पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था और वेतन समय पर देने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। मजबूरी में हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
*किराया न देने पर बेदखली का डर*
आउटसोर्स कर्मचारी रेखा ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण मकान मालिक ने घर खाली करने की चेतावनी दी है। तीन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। महंगाई के इस दौर में वेतन न मिलने से परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है।
बॉक्स मे बयान लगाना है
“सफाई कर्मचारियों की एजेंसी से कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, ताकि उसी आधार पर वेतन का भुगतान किया जा सके। एजेंसी की ओर से सूची उपलब्ध न कराए जाने के कारण वेतन अटका हुआ है। जैसे ही सूची प्राप्त होगी, वेतन जारी कर दिया जाएगा।”
गीता जैन
. , प्राचार्य दून अस्पताल
