ज्योर्तिमठ में शीतकालीन तीर्थाटन – पर्यटन तथा हिमालयी साहसिक खेलों को लेकर जनजागरण रैली आयोजित
शीतकालीन पर्यटन तीर्थाटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा: ऋषि प्रसाद सती
ज्योर्तिमठ
श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के तत्वावधान में शीतकालीन तीर्थाटन- तीर्थाटन के प्रचार-प्रसार के साथ शीतकालीन हिम क्रीड़ा स्थलों में स्की एवं अन्य साहसिक खेलों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ज्योर्तिमठ में बैंड बाजों के साथ जनजागरण रैली का आयोजन किया गया।
रैली में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शीतकालीन पूजा स्थलों के साथ-साथ हिम क्रीड़ा पर्यटन को भी विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा के दौरान श्रद्धालु न केवल पूजा स्थलों तक पहुंच रहे हैं, बल्कि हिमाच्छादित क्षेत्रों में स्की, स्नो वॉकिंग तथा अन्य साहसिक खेलों के प्रति भी रुचि दिखा रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन एवं रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।
मारवाड़ी चौक से शुरू हुई रैली ने पूरे ज्योर्तिमठ का भ्रमण किया तथा श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में रैली का समापन हुआ।ज्योर्तिमठ के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन, स्की एसोसिएशन सहित अनेक संगठनों ने रैली में सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर स्की एसोसिएशन द्वारा शीतकालीन हिम क्रीड़ा स्थलों में स्की एवं साहसिक खेलों की संभावनाओं, सुरक्षा उपायों तथा प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम के समापन में उपस्थित सभी प्रतिभागियों, स्कूली बच्चों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की शपथ ली।
कार्यक्रम में मंदिर समिति के मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, स्की एसोसिएशन के अजय भट्ट, होटल एसोसिएशन से सुभाष डिमरी ,केशव मलासी, अमित सती, श्रीराम डिमरी, समीर डिमरी, अनिल सकलानी, विकेश डिमरी, अनूप पंवार, चंडी प्रसाद बहुगुणा,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विराज बिष्ट, प्रभारी नृसिंह मंदिर संदीप कप्रवाण, विकास सनवाल सहित विद्यालयों के प्रधानाचार्य , अध्यापक, अध्यापिका, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
