जॉर्ज एवरेस्ट की 142 एकड़ भूमि निजी हाथों में सौंपना सबसे बड़ा महाघोटाला : डॉ. सोनिया आंनद
देहरादून।
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं देवभूमि संसाधन बचाओ समिति की संयोजक डॉ. सोनिया आनंद रावत ने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में 142 एकड़ बहुमूल्य सरकारी भूमि को निजी कंपनियों को सौंपे जाने को उत्तराखंड का अब तक का सबसे बड़ा महा घोटाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मात्र एक करोड़ रुपये सालाना लीज पर 15 वर्षों के लिए भूमि आवंटित कर राज्य को करीब 2900 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
डॉ. रावत ने कहा कि एडीबी से स्थानीय विकास के नाम पर लिया गया 2300 करोड़ रुपये का ऋण भी आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी निजी कंपनियों के प्रोजेक्ट्स में खपाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मसूरी विधायक गणेश जोशी और नगर पालिका प्रशासन की गंभीर भूमिका बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संरक्षण में मिलीभगत का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि परियोजना के चलते स्थानीय ग्रामीणों के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, लोगों को डराया जा रहा है और संवेदनशील क्षेत्र में भारी निर्माण, अत्यधिक शोर और कमर्शियल एयर सफारी कराई जा रही है। आरटीआई से निविदा प्रक्रिया में भी अनियमितताएं सामने आई हैं।
समिति के संरक्षक प्रकाश थपलियाल और पूर्व गढ़वाल आयुक्त सुरेंद्र सिंह पांगती ने इसे राज्य की धरोहर पर हमला बताया। सह-संयोजक कैप्टन राकेश ध्यानी ने गंभीर पर्यावरणीय संकट की चेतावनी दी।
डॉ. सोनिया आनंद रावत ने मामले की सीबीआई जांच, एडीबी ऋण की फॉरेंसिक ऑडिट और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी जन आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान एडवोकेट राकेश आर्य, महेंद्र बिष्ट, अमित, सागर, प्रदीप आदि लोग मौजूद रहे।
