गौचर / चमोली। 10 नवंबर *विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने किया बमोथ ग्राम सभा में खुली बैठक का बहिष्कार* विकासखंड पोखरी के तहत गंगनानी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बमोथ में आयोजित खुली बैठक में विभिन्न विभागीय कर्मचारियों के नहीं आने से ग्रामीणों ने बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधान रूचि देवी की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि जब हमारी समस्याओं को सुनने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठक से अनुपस्थित है तो तब इस बैठक को करने का कोई औचित्य नहीं है। ग्राम प्रधान रूचि देवी ठाकुर ने कहा कि सोमवार को ग्राम पंचायत बमोथ में ग्राम सभा की खुली बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी के न आने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुऐ बैठक का बहिष्कार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अर्चना चौधरी, सहायक विक्रम रावत, और प्राधिकरण से नेहा शाह ही शामिल हुऐ। ग्रामवासी जयन्ती प्रसाद पन्त, प्रीतम सिंह ठाकुर, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, ललिता प्रसाद लखेड़ा , देवेन्द्रनाथ सिंह खत्री ने अधिकारियों व कर्मचारियों के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी जताई। खुली बैठक को लेकर भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब गांव की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा के दौरान जवाबदेई कोई अधिकरी व कर्मचारी ही मौजूद नहीं है तो इस खुली बैठक का हम सभी बहिष्कार करते हैं। कहा गया है कि जब भी खुली बैठक आयोजित हो तो उसमें विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों का होना जरूरी है। ताकि सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ग्रामीणों के मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सके। इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष दीपा नेगी, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, जयन्ती प्रसाद पन्त, प्रीतम ठाकुर, ललिता प्रसाद, देवेन्द्रनाथ सिंह खत्री, सुधीर नेगी, मदन मोहन भट्ट, जग मोहन भट्ट, रघुनाथ सिंह ठाकुर, जसपाल लाल, नागेन्द्र नेगी, अजय ठाकुर, नीतिन सिलोड़ा, विजयपाल नेगी, चण्डी प्रसाद पन्त, रविन्द्र कुमार (दाणी), भूपेन्द्र लाल, रवि दीपक लाल, अनुसूया लाल सहित भारी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रहे।

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गौचर / चमोली

विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने किया बमोथ ग्राम सभा में खुली बैठक का बहिष्कार

विकासखंड पोखरी के तहत गंगनानी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बमोथ में आयोजित खुली बैठक में विभिन्न विभागीय कर्मचारियों के नहीं आने से ग्रामीणों ने बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधान रूचि देवी की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि जब हमारी समस्याओं को सुनने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठक से अनुपस्थित है तो तब इस बैठक को करने का कोई औचित्य नहीं है।

ग्राम प्रधान रूचि देवी ठाकुर ने कहा कि सोमवार को ग्राम पंचायत बमोथ में ग्राम सभा की खुली बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग से किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारी के न आने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुऐ बैठक का बहिष्कार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल ग्राम पंचायत विकास अधिकारी अर्चना चौधरी, सहायक विक्रम रावत, और प्राधिकरण से नेहा शाह ही शामिल हुऐ। ग्रामवासी जयन्ती प्रसाद पन्त, प्रीतम सिंह ठाकुर, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, ललिता प्रसाद लखेड़ा , देवेन्द्रनाथ सिंह खत्री ने अधिकारियों व कर्मचारियों के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी जताई। खुली बैठक को लेकर भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब गांव की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा के दौरान जवाबदेई कोई अधिकरी व कर्मचारी ही मौजूद नहीं है तो इस खुली बैठक का हम सभी बहिष्कार करते हैं। कहा गया है कि जब भी खुली बैठक आयोजित हो तो उसमें विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों का होना जरूरी है। ताकि सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ग्रामीणों के मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सके।
इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष दीपा नेगी, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, जयन्ती प्रसाद पन्त, प्रीतम ठाकुर, ललिता प्रसाद, देवेन्द्रनाथ सिंह खत्री, सुधीर नेगी, मदन मोहन भट्ट, जग मोहन भट्ट, रघुनाथ सिंह ठाकुर, जसपाल लाल, नागेन्द्र नेगी, अजय ठाकुर, नीतिन सिलोड़ा, विजयपाल नेगी, चण्डी प्रसाद पन्त, रविन्द्र कुमार (दाणी), भूपेन्द्र लाल, रवि दीपक लाल, अनुसूया लाल सहित भारी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रहे।


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