महाविद्यालय तलवाड़ी में ‘क से कविता’ का आयोजन

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महाविद्यालय तलवाड़ी में ‘क से कविता’ का आयोजन

सुभाष पिमोली थराली /चमोली 

स्व. संग्राम सेनानी आलम सिंह फरस्वाण राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा ‘क से कविता’ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र- छात्राओं और शिक्षकों ने देश के विभिन्न कवि-कवयित्रियों की रचनाओं का सस्वर वाचन किया।

सर्वप्रथम हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. खेमकरण सोमन ने प्रभारी प्राचार्य प्रतिभा आर्य, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के विषय में संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने ‘शायरी का खुदा’ कहे जाने वाले मीर तकी मीर की ग़ज़ल ‘आगे-आगे देखिए होता है क्या’ और
लोकप्रिय शायर वसीम बरेलवी की ग़ज़ल ‘साँस का मतलब जान नहीं’ सुनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में बीए द्वितीय सेमेस्टर की अनमोल जोशी ने कुँअर बेचैन की कविता ‘ज़रा याद रखना, यहाँ की कहानी’, बीए चतुर्थ सेमेस्टर की तनुजा जोशी ने साहित्य अकादमी से सम्मानित कवि गगन गिल की रचना ‘लड़की अभी उदास नहीं है’, एमए चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र अशोक कुमार ने अदम गोंडवी की कविता ‘मैं चमारों की गली तक ले चलूंगा आपको’, इतिहास विभाग के अनुज कुमार ने साहिर लुधियानवी की ग़ज़ल ‘इश्क़ की गर्मी-ए-जज़्बात किसे पेश करूँ’, बीए षष्ठ सेमेस्टर के प्रदीप कुमार ने गोपाल दास नीरज का गीत ‘विश्व चाहे या न चाहे’, बीए द्वितीय सेमेस्टर की संध्या रावत ने हबीब ज़ालिब की ग़ज़ल ‘दिल की बात लबों पर लाकर अब तक हम दुख सहते हैं’, संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर रजनी नेगी ने रामदरश मिश्र की ग़ज़ल ‘बनाया है मैंने ये घर धीरे-धीरे’, हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार ने विष्णु नगर की कविता ‘गधा’ और डॉ. पुष्पा रानी ने ओम प्रकाश वाल्मीकि की कविता ‘तब तुम क्या करोगे’ और निराला की कविता ‘अभी न होगा मेरा अंत’ का पाठ किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रतिभा आर्य ने ‘क से कविता’ में छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश के सुप्रसिद्ध कवि-शायरों की रचनाओं का पाठ सुनना सुखद है। इनमें कितने रंग और भाव हैं। कला, साहित्य और संस्कृति का विकास इसी प्रकार होता है। पढ़ाई के साथ पाठ्य सहगामी क्रियाओं का अपना महत्व है।

हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. पुष्पा रानी ने शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विभागीय स्तर पर इस प्रकार के आयोजन आगे भी होते रहेंगे। भविष्य में इन्हीं छात्र-छात्राओं द्वारा स्तरीय रचा-लिखा जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. खेमकरण सोमन ने किया।


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