*आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के तृतीय चरण की अभिमुखीकरण कार्यशाला प्रारंभ*
चमोली
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान गौचर( चमोली) में समग्र शिक्षा के अंतर्गत खेल खिलौना आधारित अधिगम तृतीय चरण की दो दिवसीय आंगनबाड़ी कार्यकत्री अभिमुखीकरण कार्यशाला प्रारंभ हुई। कार्यशाला में गैरसैण विकासखंड के 30 एवं नंदानगर विकासखंड के 16 आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रतिभाग कर रहे हैं l

कार्यशाला का शुभांरभ करते हुऐ संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रारंभ होने के बाद बालवाटिका में बच्चों को तीन से छह वर्ष के मध्य शिक्षा ग्रहण करनी है जिस कारण आंगनबाड़ियों का दायित्व और भी बढ़ गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चाहिए कि वह पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण लें और बच्चों तक इस प्रशिक्षण का लाभ पहुंचाएं l
कार्यक्रम के समन्वयक राजेंद्र प्रसाद मैखुरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर पांच कोष के विकास पर बल दिया l सूचना एवं तकनीकी विभाग के विभागाध्यक्ष रविंद्र सिंह बर्त्वाल ने बच्चों के शारीरिक ,सामाजिक, संज्ञानात्मक ,रचनात्मक एवं नैतिक विकास की बात रखी l

प्रशिक्षण की संदर्भदाता बाल विकास विभाग पोखरी की सुपरवाइजर पूजा रावत ने बताया कि इस प्रशिक्षण में जादुई पिटारा और ई जादुई पिटारा के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाना है। इस जादुई पिटारे का विकास एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा किया गया है l
प्रशिक्षण के पहले चरण में देवाल, थराली और पोखरी विकासखंड, द्वितीय चरण में नारायणबगड़ और कर्णप्रयाग विकासखंड के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का अभिमुखीकरण किया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में दशौली और जोशीमठ विकासखंड के आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का अभिमुखीकरण किया जाना है।
कार्यक्रम के दौरान योगेंद्र सिंह बर्त्वाल, सुमन भट्ट, प्रदीप चंद्र नौटियाल ,बच्चन लाल जितेला , मृणाल जोशी, पूजा रजवार, अभिलाषा किमोठी , शोभा बिष्ट और मनीषा कंडेरी उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन संस्थान के प्रवक्ता डॉक्टर कमलेश कुमार मिश्रा द्वारा किया गया l
