*राइका गौचर में भी शिक्षकों ने प्रधानाचार्य के पद पर सीधी भर्ती के विरोध में शिक्षक दिवस नहीं मनाया*

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गौचर / चमोली।

ललिता प्रसाद लखेड़ा

*राइका गौचर में भी शिक्षकों ने प्रधानाचार्य के पद पर सीधी भर्ती के विरोध में शिक्षक दिवस नहीं मनाया*

रा०इ०का० गौचर के सभी राजकीय शिक्षकों ने राजकीय शिक्षक संघ चमोली के आवाहन पर शिक्षक दिवस नही मनाने का फैसला किया। सभी शिक्षको ने काली पट्टी बाँध कर शिक्षक दिवस का विरोध किया।

राजकीय शिक्षक संघ की एक मांग प्रधानाचार्य पदों पर शत प्रतिशत पदोन्नति हो, लेकिन सरकार ने शिक्षक शिक्षिकाओं की इस मांग के विरुद्ध प्रधानाचार्य पदों पर विज्ञापन जारी किया उसमें भी एसी सेवा शर्त रखी गयी हैं जिससे केवल 8% शिक्षक शिक्षिकाओं को फायदा हो रहा या 8% शिक्षक भर्ती के योग्य हैं। शेष 92% शिक्षक शिक्षिका भर्ती के योग्य नहीं हो रहे। वरिष्ठ शिक्षक बिना परमोशन के एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहें हैं। सीधी भर्ती करने से परमोशन का लाभ नहीं मिल रहा, जबकि प्रधानाचार्य पदों पर हमेशा से शत प्रतिशत परमोशन होते हैं।

इस संबंध में शाखा अध्यक्ष रघुवीर वैष्णव ने कहा हमारे कही प्रवक्ता और सहायक अध्यापक 30-32 साल से नोकरी करने के बाद भी, एक भी परमोशन विभाग ने उन्हें नही दिया, प्रधानाचार्य पद परमोशन का पद हैं ,सीधी भर्ती का पद नही है। संगठन मंत्री बीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा सरकार की इस नीति से सभी राजकीय शिक्षक दुखी है। इसलिए आंदोलन के लिए मजबूर है। सभी शिक्षक शिक्षिकाओं की सरकार से एक मांग हैं कि प्रधानाचार्य पदों पर केवल और कैवल शत प्रतिशत पदोन्नति करें। सीधी भर्ती से प्रधानाचार्य पदों को न भरे। प्रधानाचार्य सेवा नियमावली 2022 को निरस्त कर पूर्व की भातिं प्रधानाचार्य पदों पर शत प्रतिशत पदोन्नति हो। इसी मांग को मनवाने के लिए आज सभी शिक्षक शिक्षिकाओं ने शिक्षक दिवस नही मनाने का निर्णय लिया।

इस आंदोलन में भरत सिंह नेगी, हरीश टम्टा, राजेन्द्र सिंह नेगी, रघुवीर वैष्णव, दिनेश भट्ट, बीरेंद्र नेगी, सुभाष सती, शिशुपाल नेगी, खडग सिंह विष्ट,गिरीश खाली, मीना डिमरी आदि रहे


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