राज्य के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी ”लेजर सर्जरी” सुविधा दून मेडिकल कॉलेज में आधुनिक लेज़र यूरोलॉजी वर्कशॉप सम्पन्न।

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राज्य के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी ”लेजर सर्जरी” सुविधा

दून मेडिकल कॉलेज में आधुनिक लेज़र यूरोलॉजी वर्कशॉप सम्पन्न।

 

देहरादून।

राज्य के सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए सरकारी दून मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में एक दिवसीय लेज़र यूरोलॉजी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देशभर से तीन प्रतिष्ठित यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुशील खर्बंदा (दिल्ली), डॉ. अमलंज्योति सरमा (असम) और डॉ. योगेश कालरा (लुधियाना) ने बतौर फैकल्टी शिरकत की।

कार्यशाला का संचालन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार बिस्वास और डॉ. अमन गुप्ता के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखण्ड यूरोलॉजिकल सोसाइटी और सरकारी दून मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

*एक ही दिन में दस लेज़र सर्जरी*

वर्कशॉप के दौरान करीब 10 उन्नत सर्जरी की गईं, जिनमें लेज़र प्रोस्टेट सर्जरी, लेज़र आरआईआरएस (गुर्दे की पथरी का बिना चीरा ऑपरेशन), लेज़र ब्लैडर ट्यूमर सर्जरी और लेज़र यूरीथ्रल स्ट्रिक्चर सर्जरी आदि शामिल हैं।

इन सभी सर्जरी को 150 वॉट होलमियम लेज़र मशीन की मदद से अंजाम दिया गया, जो इस समय उत्तराखण्ड के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में सबसे अत्याधुनिक तकनीक मानी जा रही है।

*राज्य के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी सुविधा*

कार्यशाला में उत्तराखण्ड यूरोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र गुप्ता ने भी शिरकत की। उन्होंने कहा सरकारी दून मेडिकल कॉलेज में लेज़र सर्जरी की सुविधा शुरू होना राज्य के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। अब बिना चीरे, बिना रक्तस्राव और शीघ्र स्वस्थ होने वाली सर्जरी सरकारी अस्पतालों में भी संभव हो पाएगी।

विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मनोज बिस्वास ने बताया कि लेज़र तकनीक से सर्जरी करने पर मरीज को बहुत कम दर्द और रक्तस्राव होता है। अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी काफी कम होती है।
उन्होंने कहा दून मेडिकल कॉलेज अब अत्याधुनिक लेज़र और 3D-4K लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सुविधाओं से लैस हो चुका है। बहुत जल्द यहां किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की भी स्थापना की जाएगी।

वर्कशॉप की सफलता पर विभाग की ओर से कॉलेज प्राचार्य डॉ. गीता जैन और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.एस. बिष्ट को विशेष धन्यवाद दिया गया।

प्रो. बिस्वास ने कहा कि संस्थान के नेतृत्व का सतत् सहयोग ही हमारी टीम को सरकारी स्तर पर ऐसी आधुनिक यूरोलॉजिकल सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रेरणा देता है।


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