- चौथे साल में नई कैबिनेट के साथ पारी खेलने के मिल रहे संकेत
देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल के चौथे साल में नई कैबिनेट के साथ पारी खेलने के संकेत दिए हैं। धामी कैबिनेट से प्रेमचंद अग्रवाल के त्यागपत्र के बाद अब सबकी निगाहे मुख्यमंत्री के अगले कदम पर जिसमें मंत्री मंडल का विस्तार होना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल ( से नि) गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रेमचंद अग्रवाल का इस्तीफा राज्यपाल को दिया था जो रविवार को ही स्वीकार कर लिया गया था। ऐसे में अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर है। धामी मंत्रिमंडल की एक ओर कुर्सी खाली होने के साथ ही नए मंत्रियों को लेकर कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुभव को महत्व दिया तो पांच ऐसे वरिष्ठ विधायकों में से किसी की किस्मत चमक सकती है जो पूर्व में मंत्री रहे हैं।
इसमें त्रिवेंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे मदन कौशिक का नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले प्रेमचंद अग्रवाल हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, कौशिक भी इसी संसदीय क्षेत्र से हैं और वरिष्ठ विधायकों में शामिल है। पूर्व कैबिनेट मंत्री में दूसरा नाम खजान दास का है। अनुसूचित जाति वर्ग के खजान दास भी पूर्व भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। तीसरे नंबर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे हैं जो गदरपुर से भाजपा के विधायक है । चौथे पूर्व कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत है जो नैनीताल जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं और कालाढूंगी से विधायक है,हालांकि अनुभवी भगत दा की राह में उम्र दराज होने का पेंच सबसे ज्यादा मुश्किले खड़ी कर सकता है। पांचवें पूर्व कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल है। बिशन सिंह चौपाल भी भाजपा के सबसे वरिष्ठ विधायकों में से एक है।
अनुभवी विधायकों के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों के नाम भी खूब चर्चा में शामिल हो रहे हैं। इनमें से एक नाम मुन्ना सिंह चौहान का है। जब-जब भाजपा की सरकार ने बनी मुन्ना सिंह चौहान विधायक रहे। उन्हें मंत्री बनाए जाने के चर्चा हमेशा होती रही। दूसरा नाम विनोद चमोली का है, तीसरा नाम हरिद्वार संसदीय क्षेत्र से पार्टी के वरिष्ठ विधायक आदेश चौहान और प्रदीप बत्रा के नाम भी चर्चाओं में है, पार्टी के एक ओर विधायक सहदेव पुंडीर भी है उनका नाम भी चर्चाओं में इसके बाद देहरादून से उमेश शर्मा काऊ, पौड़ी संसदीय क्षेत्र से दिलीप रावत , भरत सिंह चौधरी और अनिल नौटियाल का नाम भी चर्चाओं में है । सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम पहली बार विधायक बने शिव अरोड़ा का है जिनके मंत्री बनने की संभावनाएं ज्यादा लग रही है।
भाजपा के विधायक खजान दास और भारत चौधरी के माने तो वह पार्टी के सिपाही हैं पार्टी उन्हें जो कार्य देगी उसका निर्वहन निष्ठा के साथ करेंगे।
महिला विधायकों में भी मंत्री बनने की होड़ दिख रही है, केदारनाथ से विधायक बनी आसा नौटियाल भी पार्टी से मिलने वाली जिम्मेदारी को अहम मानती है। विधायक आसान नौटियाल की माने तो अगर पार्टी जिम्मेदारी देती है तो वह उसके लिए तैयार है।
भाजपा सूत्रों और राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बेशक पार्टी में अनुभवी और वरिष्ठ विधायकों की लंबी कतार हो, लेकिन किस्मत उसी की चमकेगी जो क्षेत्रीय जातीय समीकरणों की कसौटी पर खरा उतरेगा।