धर्म विहीन राजनीति लोकमंगल का उपकरण नहीं बन सकती — नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

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धर्म विहीन राजनीति लोकमंगल का उपकरण नहीं बन सकती — नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

देहरादून।

पंचदिवसीय दीपोत्सव साधना के समापन के बाद हिन्दू धर्मगुरु नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने यमुना कालोनी मंत्री आवास पंहुचकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट को उनके सरकारी आवास पर नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान रायवाला जुड़े सदस्यों के साथ मिलकर आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर अपने संदेश में संत रसिक महाराज ने कहा कि धर्मगुरुओ एवं राजनीतिज्ञों को अपनी-अपनी मर्यादा में मिलकर काम करने ही सही विकास होगा। भारत का धर्म ईसाईयत या इस्लाम की तरह पंथ नहीं है। यह प्रकृति और मनुष्यता की आदर्श आचार संहिता है। यहां आदिकाल से धर्म और राजनीति सहगामी रहे हैं। समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया ने धर्म और राजनीति को एक ही बताया था। कहा था ‘राजनीति अल्पकालिक धर्म है और धर्म दीर्घकालिक राजनीति। धर्म का काम है शुभ की स्थापना और अच्छाइयों की ओर प्रेरित करना।
उन्होंने बताया कि धर्म और राजनीति का सहअस्तित्व लोकमंगलदाता है। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर सैकड़ों वर्ष से राष्ट्रीय अभिलाषा है। अनेक प्रयास हुए। अनेक जीवन गए। व्यापक संघर्ष हुआ, लेकिन तत्कालीन राजनीति धर्म के साथ नहीं खड़ी हुई। अब राजनीति और धर्म के कर्तव्यपालन से करोड़ों लोगों का स्वप्न पूरा हुआ है। धर्म विहीन राजनीति लोकमंगल का उपकरण नहीं बन सकती । इससे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शाल ओढाकर स्वामी रसिक महाराज का स्वागत किया एवं रसिक महाराज द्वारा हिन्दू धर्म जागरण के लिए किए जा रहे कार्यों को समाज हित के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला की संचालिका माँ देवेश्वरी जी, भाजपा नेत्री चंबा ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुमन सजवाण, इंजीनियर अरविन्द सजवाण, प्रभात पंवार , संजीव बालियान, युवा भाजपा नेता उम्मेद सिंह सजवाण एवं नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान से जुड़े कई सदस्य मौजूद रहे।


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