बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे को नगर पंचायत ने बनाया आय का साधन।नगर पंचायत 7 दिनों में अजैविक कचरे का विपणन कर अर्जित की 50 हजार से अधिक की आय।

चमोली,

बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे को नगर पंचायत ने बनाया आय का साधन।नगर पंचायत 7 दिनों में अजैविक कचरे का विपणन कर अर्जित की 50 हजार से अधिक की आय।

बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे को नगर पंचायत ने बनाया आय का साधन।नगर पंचायत 7 दिनों में अजैविक कचरे का विपणन कर अर्जित की 50 हजार से अधिक की आय।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चार धाम यात्रा का संचालन हरित चार धाम यात्रा की थीम पर किया जा रहा है। जिसे लेकर चार धाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छता के साथ ही धामों में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण को लेकर नगर पालिका और पंचायतों की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए विपणन की व्यवस्था बनाई गई है। जिससे नगर पंचायत को आय मिलने लगी है।

बदरीनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे को नगर पंचायत ने बनाया आय का साधन।नगर पंचायत 7 दिनों में अजैविक कचरे का विपणन कर अर्जित की 50 हजार से अधिक की आय।

नगर पंचायत बदरीनाथ के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि धाम में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए जहां क्यूआर कोड़ व्यवस्था लागू की गई है। वहीं इसके निस्तारण के लिए नगर पंचायत की ओर से विपणन की व्यवस्था बनाई गई है। यहां धाम से एकत्रित किए जा रहे प्लास्टिक कचरे को ब्लॉक बनाकर विपणन किया जा रहा है। ऐसे में इस वर्ष यात्रा शुरु होने से अभी तक 7 दिनों में नगर पंचायत की ओर से 4.2 टन अजैविक कचरे का विपणन कर किया गया है। जिससे नगर पंचायत बदरीनाथ ने 50 हजार 116 रुपए की आय अर्जित की है। उन्होंने बताया कि धाम में वर्ष 2022 से एमआरएफ सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जहां धाम से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग कर कम्पोस्टिंग और कॉम्पेकटिंग कर निस्तारित किया जाता है। कहा कि कचरे के सेग्रिगेशन के लिए यहां 1 सुपरवाइजर के साथ 12 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है।