चमोली
भव्य जल कलश शोभायात्रा के साथ देवराड़ी देवी मंदिर रानीगढ़ देवल में श्रीमद् देवी भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
रानीगढ़ पट्टी की आराध्य देवराड़ी देवी मंदिर देवल में श्रीमद् देवी भागवत कथा के शुभारंभ पर भारी संख्या में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने भाग लेकर मां देवराड़ी देवी की जय घोष के साथ जल कलश शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।

देवराड़ी देवी की देवरा यात्रा (बन्याथ) के उपरांत देवी के देवल गांव स्थित शोभायात्रा के बाद कथा वाचक ब्यास पंडित सुशील चन्द्र देवली जी को कथा मंडप पर बिठाया गया और उनकी आरती उतारी गई। पंडित पठार्थियो द्वारा जल कलश पात्रों की पूजा के साथ महिलाओं और उपस्थित श्रद्धालुओं का टीका चन्दन किया गया। महिलाओं ने भी कथा वाचक एवं पठार्थी पंडितों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस मौके पर कथा वाचक पंडित सुशील चन्द्र देवली जी ने कहा कि देवी भागवत में मुख्य रूप से देवी की सर्वोच्चता महिमा और शक्ति का वर्णन है। यह देवी भागवत महापुराण स्त्री शक्ति को ब्रह्माण्ड का मूल निर्माता मानता है। इसमें देवी दुर्गा, काली, लक्ष्मी और सरस्वती जैसे विभिन्न रूपों और उनकी कथाओं का वर्णन है। यह पुराण देवी को ही परम शक्ति और मूल निर्माता मानता है। इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति की कथाएं हैं जो देवी की ही कृपा से उत्पन्न हुऐ हैं।देवताओं को भी देवी की शक्ति से उत्पन्न बताता है। ऐसी अनेक कथाएं श्रोताओं को इस देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान श्रोताओं को सुनने को मिलेंगे।
