अलकनंदा–लक्ष्मण गंगा की पहाड़ियों में वनाग्नि सुरक्षा को लेकर वन विभाग की सघन गश्त
ज्योतिर्मठ।
वनाग्नि की रोकथाम एवं सुरक्षा के उद्देश्य से मंगलवार को रेंज की टीम द्वारा अलकनंदा एवं लक्ष्मण गंगा के मध्य स्थित पहाड़ी वन क्षेत्रों में गश्त एवं निरीक्षण कार्य किया गया। इस दौरान वन विभाग ने दुर्गम क्षेत्रों में संभावित वनाग्नि की स्थिति का जायजा लिया।
वन विभाग की एक टीम द्वारा गत रात्रि भ्यूंडार क्षेत्र में कैंप कर क्षेत्र की निगरानी की गई। मंगलवार प्रातः टीम ने क्षेत्र की रेकी करते हुए पुलना वापसी की। टीम द्वारा अवगत कराया गया कि अलकनंदा एवं लक्ष्मण गंगा के मध्य स्थित कुछ दुर्गम पहाड़ियों में पुराने ठूंठों से धुआं उठता हुआ देखा गया, हालांकि भौगोलिक विषमताओं के कारण उन स्थलों तक सीधी पहुंच संभव नहीं हो सकी।
पुलना गांव में स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए रेंज कर्मचारियों एवं ग्रामीणों द्वारा इष्टदेव बगड़वाल देवता की पूजा-अर्चना की गई, जिसमें वर्षा एवं वनाग्नि शमन की कामना की गई।
इसके उपरांत वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के नेतृत्व में गश्ती दल आगे बढ़ा। नेपाली श्रमिकों के सहयोग से लक्ष्मण गंगा नदी पर अस्थाई पुल का निर्माण कर नदी पार की गई। इस संयुक्त गश्ती दल में ग्राम प्रधान पुलना-भ्यूंडार आनंद चौहान, महिला मंगल दल (पुलना), अनुभाग अधिकारी, वन आरक्षी, आदेश पालक, वनीकरण श्रमिक एवं अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
नदी पार करने के बाद वन क्षेत्र में आगे बढ़ने पर खड़ी चट्टानों के कारण मार्ग अवरुद्ध पाया गया, जिससे टीम का वनाग्नि प्रभावित स्थल तक पहुंचना संभव नहीं हो सका। स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि कल प्रातः टीम अलकनंदा नदी पार कर वनाग्नि प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने का पुनः प्रयास करेगी।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखते हुए वनाग्नि की किसी भी घटना से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे