डीएम सविन बंसल की पहल पर 30 बेड का नया बुजुर्ग आवास एक साल में तैयार। सिर्फ छत नहीं, अब कंप्यूटर शिक्षा और हुनर से संवर रहा है बच्चों का भविष्य।

खबर शेयर करें

बेसहारा चेहरों पर लौटी मुस्कान, प्रशासन बना ‘परिवार’

 डीएम सविन बंसल की पहल पर 30 बेड का नया बुजुर्ग आवास एक साल में तैयार। सिर्फ छत नहीं, अब कंप्यूटर शिक्षा और हुनर से संवर रहा है बच्चों का भविष्य।

देहरादून।

केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन अब केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि भरोसे, सुरक्षा और नई ज़िंदगी की मिसाल बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिला प्रशासन के संकल्प से यहां व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार हुआ है, जिससे बेसहारा महिलाओं और अनाथ बच्चों को सम्मानजनक जीवन मिल रहा है।

जिलाधिकारी सविन बंसल की नियमित मॉनिटरिंग में निकेतन का कायाकल्प किया गया है। बुजुर्ग महिलाओं के लिए 30 बेड का दो मंजिला भवन लगभग तैयार है। सीवर लाइन, डोरमेट्री, स्वच्छता, आवास, लॉन्ड्री, रसोई, जिम, इन्वर्टर सहित कई आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया गया है। परिसर की दीवारों पर पेंटिंग, स्लोगन और पुष्प वाटिका प्रेरणा का संदेश दे रही हैं।

वर्तमान में नारी निकेतन में 178 महिलाएं, बालिका निकेतन में 21 बालिकाएं तथा बाल गृह व शिशु सदन में 23 बच्चे रह रहे हैं। बच्चों को शिक्षा, कंप्यूटर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई-बुनाई, क्राफ्ट, संगीत और योग का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

सुरक्षा व स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त होमगार्ड, नर्सों की तैनाती और डॉक्टरों की नियमित विजिट सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। केदारपुरम का यह निकेतन अब उम्मीद, संवेदनशीलता और इंसानियत की जीवंत कहानी बनकर उभर रहा है।


खबर शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *