चमोली
सचिव संस्कृत शिक्षा ने की विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा, जनगणना कार्य समय से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश
सरकारी कार्यालयों में हिंदी के साथ संस्कृत में नाम पट्टिकाएं लगाने पर जोर, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
सचिव संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग उत्तराखंड शासन दीपक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। मुख्यमंत्री घोषणाओं, सीएम हेल्पलाइन, जनगणना कार्य, जल जीवन मिशन, एनआरएलएम, स्वरोजगार योजनाओं, सड़क, पर्यटन, कृषि, उद्यान, उद्योग, उरेडा, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की । पूर्व परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी ने सचिव को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को शासनादेश के अनुरूप कार्यालयों की नाम पट्टिकाएं हिंदी के साथ संस्कृत भाषा में भी लिखवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत उत्तराखंड की दूसरी राजभाषा है तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सभी विभागों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
राष्ट्रीय महत्व के कार्य जनगणना की समीक्षा करते हुए प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स (एचएलबी) कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। सचिव ने चार्ज अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा से एक सप्ताह पूर्व कार्य पूर्ण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण कर रात्रि विश्राम करने एवं स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु शासनादेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान सचिव ने होम स्टे योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने लीड बैंक प्रबंधक को होम स्टे से संबंधित ऋण प्रकरणों का सरलीकरण एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आधारित योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए सचिव ने सभी विभागों को शिकायतों एवं विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता है।
वन विभाग को कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई विभाग को लंबित योजनाओं में तेजी लाने तथा कार्यों की प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। वहीं जल संस्थान एवं जल निगम को जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं को गति देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सचिव ने सीएचसी एवं पीएचसी में रिक्त पदों के संबंध में आवश्यक प्रस्ताव शासन को शीघ्र प्रेषित करने तथा जिला चिकित्सालय से चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर के आधार पर तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो सकें।शिक्षा विभाग को विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था में सुधार करने तथा निर्माण कार्यों को जिला योजना के माध्यम से शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी की समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमजीएसवाई, लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा संचालित सड़क निर्माण एवं सुधारीकरण कार्यों की समीक्षा कर स्वीकृत सड़कों के निर्माण तथा आपदा प्रभावित मार्गों के सुधारीकरण कार्यों में तेजी लाने को कहा।
सचिव ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का आपसी समन्वय के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क एवं रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच सकें तथा पलायन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़, मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता प्रमोद गंगाड़ी, अधिशासी अभियंता नवीन ध्यानी, एडीएसटीओ भूपाल सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।