सिलाई केंद्र प्रतिमाह ₹9,000 से ₹10,000 तक की आय का सशक्त माध्यम बन चुका है।

खबर शेयर करें

चमोली 

सिलाई केंद्र से हर माह 10 हजार रुपये तक की आय, अन्य महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षण

जनपद चमोली के विकासखंड देवाल के ग्राम खजडकोट निवासी  किरन देवी, पत्नी  हरीश चन्द्र, आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से उन्होंने अपना सिलाई केंद्र स्थापित कर न केवल स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी रोजगार एवं प्रशिक्षण से जोड़ रही हैं।

 किरन देवी एक सामान्य कृषक परिवार से हैं, जहां परिवार की आजीविका का मुख्य आधार कृषि एवं पशुपालन था। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं तथा बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करना कठिन हो रहा था। इंटरमीडिएट तक शिक्षित किरन देवी को बचपन से ही सिलाई-कढ़ाई में विशेष रुचि थी, लेकिन संसाधनों के अभाव में वे अपनी प्रतिभा को व्यवसाय का रूप नहीं दे पा रही थीं।

वर्ष 2023-24 में सुनन्दा सीएलएफ एवं स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होने के कारण उनका चयन रीप परियोजना के अंतर्गत व्यक्तिगत उद्यम के लिए हुआ। एक लाख रुपये की लागत से स्थापित इस उद्यम में ₹30,000 की सहायता रीप परियोजना, ₹60,000 का बैंक ऋण तथा शेष राशि स्वयं के अंशदान के रूप में निवेश की गई।

परियोजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से उन्होंने दो सिलाई मशीनें, एक पिको मशीन तथा आवश्यक उपकरण खरीदकर अपना सिलाई केंद्र स्थापित किया। वर्तमान में वे आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए सिलाई एवं वस्त्र निर्माण का कार्य कर रही हैं। साथ ही इच्छुक महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

आज उनका सिलाई केंद्र प्रतिमाह ₹9,000 से ₹10,000 तक की आय का सशक्त माध्यम बन चुका है। इस आय से वे अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च भी सुचारु रूप से वहन कर रही हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी और प्रशिक्षक के रूप में स्थापित हो चुकी है।


खबर शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *