गोपेश्वर।
प्रौद्योगिकी संस्थान गोपेश्वर में आज वंदे मातरम् के प्रथम सार्वजनिक गायन की 150वीं वर्षगांठ बड़े ही उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाई गई।

संस्थान के प्रांगण में छात्रों, प्राध्यापकों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया।
ऐतिहासिक रूप से 07 नवंबर 1875 को वंदे मातरम् का पहला गायन किया गया था। आगे चलकर यह नारा भारत की आज़ादी के संघर्ष का एक प्रेरणास्रोत बना और पूरे देश को एकसूत्र में बांधने वाला मंत्र सिद्ध हुआ। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने असंख्य लोगों में देशभक्ति की नई ऊर्जा और जज़्बा भर दिया।
कार्यक्रम में कॉलेज के रजिस्ट्रार संदीप कंडवाल, अधिष्ठाता छात्र कल्याण अरविंद कुमार, डीन अकादमिक श्री हेमंत चौहान एवं सभी विभागाध्यक्ष अरुण नेगी, ओमवीर सैनी, अभिषेक अग्रवाल, मीनू चिनवान, मोनिका बर्तवाल, आकिब जावेद सहित सभी प्राध्यापक एवं संस्थान के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार के मार्गदर्शन में कुमारी मुस्कान द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने वंदे मातरम् के इतिहास, उसकी प्रासंगिकता और राष्ट्रीय एकता में उसके योगदान पर प्रकाश डाला। पूरे समारोह में देशभक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।