चमोली।
चक्रव्यूह मंचन में कौरवों द्वारा छल-कपट से अभिमन्यु का वध को देखते दर्शकों की आंखें नम हुई, 30 को पांडव लीला सम्पन्न
विकासखंड पोखरी की गंगा घाटी स्थित ग्राम पंचायत रानो में 18 दिसंबर से चल रहे पांडव नृत्य के 11 वें दिन पांडवों और कौरवों के मध्य हुऐ महाभारत युद्ध में कौरवों द्वारा छल कपट से वीर अभिमन्यु का वध करने पर भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं की आंखें नम हो गई। चक्रव्यूह के दौरान 16 वर्षीय अभिमन्यु के द्वारा छह द्वार ध्वस्त करने के बाद सातवें द्वार पर सातवें द्वार पर कौरवों ने छल कपट से उसका वध कर दिया। यह दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गये। चक्रव्यूह मंचन देखने के लिऐ नगर क्षेत्र गौचर तथा ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंचे हुऐ थे।
चक्रव्यूह मंचन में सभी पात्रों ने बेहतर अभिनय कर दर्शकों को आनन्दित किया। इस मौके पर सांस्कृतिक कमेटी पांडव नृत्य के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी, कृष्ण की भुमिका में राकेश भंडारी, युधिष्ठिर के भुमिका में उत्तम सिंह भंडारी, अर्जुन संदीप भंडारी, भीम में मनोज भंडारी, नकुल पवन भंडारी, द्रौपदी वीरू भंडारी, सहदेव आशीष भंडारी, वीर अभिमन्यु लक्ष्मण भंडारी, बबरूबांद मदन भंडारी, हनुमान लाजपत भंडारी, नागार्जुन संदीप भंडारी, बाला सुंदरी अंकित भंडारी, आचार्य कान्ता प्रसाद शैली, ढोल वादक प्रेम लाल व ग्रीन लाल और पंडवांणी वक्ता 14 वर्षीय बालक निखिल भंडारी के अलावा महिला मंगल दल अध्यक्ष साक्षी भंडारी, उपाध्यक्ष काजल भंडारी, कोषाध्यक्ष आईसा भंडारी एवं सदस्यगण व युवक मंगल दल कार्यकर्ता मौजूद थे।
सांस्कृतिक कमेटी पांडव नृत्य के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि सोमवार 29 दिसंबर को पांडव देवताओं का ग्राम भ्रमण, गंगा स्नान, बाणों का प्रस्थान तथा 30 दिसंबर मंगलवार को आराध्य देव रावल देवता का अपने मूल स्थान पर विराजमान होने के साथ पिछले 13 दिनों से हो रही पांडव लीला का समापन हो जायेगा।
*चक्रव्यूह मंचन में कौरवों द्वारा छल-कपट से अभिमन्यु का वध को देखते दर्शकों की आंखें नम हुई, 30 को पांडव लीला सम्पन्न*
विकासखंड पोखरी की गंगा घाटी स्थित ग्राम पंचायत रानो में 18 दिसंबर से चल रहे पांडव नृत्य के 11 वें दिन पांडवों और कौरवों के मध्य हुऐ महाभारत युद्ध में कौरवों द्वारा छल कपट से वीर अभिमन्यु का वध करने पर भारी संख्या में उपस्थित महिलाओं की आंखें नम हो गई। चक्रव्यूह के दौरान 16 वर्षीय अभिमन्यु के द्वारा छह द्वार ध्वस्त करने के बाद सातवें द्वार पर सातवें द्वार पर कौरवों ने छल कपट से उसका वध कर दिया। यह दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गये। चक्रव्यूह मंचन देखने के लिऐ नगर क्षेत्र गौचर तथा ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग पहुंचे हुऐ थे।
चक्रव्यूह मंचन में सभी पात्रों ने बेहतर अभिनय कर दर्शकों को आनन्दित किया। इस मौके पर सांस्कृतिक कमेटी पांडव नृत्य के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी, कृष्ण की भुमिका में राकेश भंडारी, युधिष्ठिर के भुमिका में उत्तम सिंह भंडारी, अर्जुन संदीप भंडारी, भीम में मनोज भंडारी, नकुल पवन भंडारी, द्रौपदी वीरू भंडारी, सहदेव आशीष भंडारी, वीर अभिमन्यु लक्ष्मण भंडारी, बबरूबांद मदन भंडारी, हनुमान लाजपत भंडारी, नागार्जुन संदीप भंडारी, बाला सुंदरी अंकित भंडारी, आचार्य कान्ता प्रसाद शैली, ढोल वादक प्रेम लाल व ग्रीन लाल और पंडवांणी वक्ता 14 वर्षीय बालक निखिल भंडारी के अलावा महिला मंगल दल अध्यक्ष साक्षी भंडारी, उपाध्यक्ष काजल भंडारी, कोषाध्यक्ष आईसा भंडारी एवं सदस्यगण व युवक मंगल दल कार्यकर्ता मौजूद थे।
सांस्कृतिक कमेटी पांडव नृत्य के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि सोमवार 29 दिसंबर को पांडव देवताओं का ग्राम भ्रमण, गंगा स्नान, बाणों का प्रस्थान तथा 30 दिसंबर मंगलवार को आराध्य देव रावल देवता का अपने मूल स्थान पर विराजमान होने के साथ पिछले 13 दिनों से हो रही पांडव लीला का समापन हो जायेगा।