बरमाडी तोक में आपदा के 6 माह बाद भी स्थिति जस की तस।
थराली।
थराली आपदा के छह माह बाद पीड़ितों के जख्म हरे के हरे हैं। सर्दी अब नए सितमगर के रूप में सामने आई है, इस दौरान अगर कोई चीज बढ़ी है तो लोगों की मुसीबतें। थराली के ग्राम पंचायत कुनी पार्था के बरमाडी तोक मे 23 अगस्त को आई भीषण आपदा मे पैदल रास्ते, पेयजल लाइन,कृषि भूमि, आपदा की भेंट चढ़ गए थे लेकिन आपदा के छह माह बाद भी स्थिति जस की तस है यहा स्कूली बच्चों को स्कूल जाने तक रास्ते नहीं है वही ग्रामीणों अपने मवेशियों को चुगान हेतू जंगल नहीं ले जा पा रहे है वही पानी के लिए किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है ग्राम प्रधान मीना देवी क्षेत्र पंचायत सदस्य मुन्नी देवी ने बताया शासन प्रशासन को लगातार अवगत कराने के बाद भी क्षेत्र की स्थिति भयावह बनी हुई है सरकार और विभागों ने अभी तक केवल कोरे आश्वासन दिए है धरातल पर कोई कार्य नहीं हो पाया नहीं है जिस करण यहां के निवासियों को बहुत कठिन परिस्थिति में जीवन यापन करना पड़ रहा है उन्होंने बताया क्षेत्र के लोगों को जरूरी वस्तुओं तथा खाद्य सामग्री के लिए टूटी हुई पगडंडियों से जान जोखिम में डालकर थराली पहुंचना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी
गोपाल सिंह पिमोली,
दलवीर सिंह पिमोली,
बिरेंदर सिंह,
सोवन सिंह पिमोली,
पुस्कर सिंह पिमोली,
प्रेम सिंह पिमोली,
खिलाफ सिंह,
नारायण सिंह,
खुशहाल सिंह,
रमेश चंद्र सती,
मुन्नी देवी,
दुर्गा देवी, सुनीता देवी,
नंदी देवी, खगोती देवी नहीं बताया अगर सरकार हमारी सुध नहीं लेती तो क्षेत्र की समस्त जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।