गैस सिलेंडर की “अंत्येष्टि” कर महिला कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन,
महंगाई के खिलाफ देहरादून में पदयात्रा
देहरादून।
रसोई गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस ने देहरादून में अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लाम्बा के आह्वान पर किया गया, जिसका नेतृत्व प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से सिर पर गैस सिलेंडर उठाकर भाजपा जिला मुख्यालय की ओर पदयात्रा निकाली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। पदयात्रा कनक चौक तक पहुंची, जहां पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इसके बाद महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से गैस सिलेंडर को फूल-माला पहनाकर उसकी “अंत्येष्टि” की। इस दौरान महिलाओं ने धूपबत्ती जलाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चूल्हे पर लकड़ी जलाकर रोटी और सब्जी बनाते हुए यह संदेश दिया कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब परिवारों को एक बार फिर पुराने समय की तरह चूल्हे पर खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बाद में महिलाओं ने वहीं पर बनी रोटी और सब्जी लोगों को खिलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि केंद्र सरकार अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए लगातार रसोई गैस के दाम बढ़ा रही है, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाकर महिलाओं की रसोई पर सीधा हमला कर रही है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है और लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने विरोध कर रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दाम वापस नहीं लिए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
