मसूरी क्वीन्स को हराकर चैंपियन बनी देहरादून वॉरियर्स, नीलम को मिला प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब

उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2026:

मसूरी क्वीन्स को हराकर चैंपियन बनी देहरादून वॉरियर्स, नीलम को मिला प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब

देहरादून

देहरादून वॉरियर्स ने गुरुवार को राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए विमेंस उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2026 के फाइनल में मसूरी क्वींस को हरा दिया। देहरादून की टीम ने 115/9 का स्कोर बनाया था, जिसे उन्होंने सफलता के साथ बचा लिया। नीलम भारद्वाज को फाइनल में शानदार खेल के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन ऑलराउंड खेल दिखाने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी मिला।

मसूरी क्वीन्स को हराकर चैंपियन बनी देहरादून वॉरियर्स, नीलम को मिला प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब

मसूरी क्वींस को जीत के लिए 116 रन बनाने थे, लेकिन गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद की आखिरी कोशिशों के बावजूद टीम यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। एक वक्त पर मसूरी को 15 गेंदों में 30 रन चाहिए थे और लग रहा था कि मैच उनके हाथ में है। लेकिन 18वें ओवर में गरिमा आउट हो गईं, जिससे मसूरी को 13 गेंदों में 29 रन की जरूरत बची। आखिरकार मसूरी क्वींस की टीम 20 ओवर में 100/7 रन ही बना सकी और मैच हार गई। देहरादून की तरफ से अमीषा बहुखंडी ने सबसे अच्छी गेंदबाजी की और 3 विकेट लिए।

इससे पहले मसूरी क्वींस की कप्तान नंदिनी कश्यप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। उनके गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए देहरादून वॉरियर्स को 20 ओवर में 115/9 रन पर ही रोक दिया।

देहरादून वॉरियर्स की शुरुआत बहुत खराब रही। टीम की कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज श्वेता मोहन वर्मा बिना खाता खोले निशा मिश्रा का शिकार बनीं। इसके बाद कैरी भी 15 रन बनाकर आउट हो गईं, जिससे टीम मुश्किल में आ गई। इसके बाद नीलम ने 46 गेंदों में 48 रनों की सूझबूझ भरी पारी खेलकर टीम को संभाला। अपनी इस पारी में उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का लगाया। उनका साथ प्रीति भंडारी ने दिया, जिन्होंने 17 गेंदों में 26 रन बनाए (3 चौके और 1 छक्का)। हालांकि, आखिरी ओवरों में लगातार विकेट गिरते रहे और देहरादून की टीम 115/9 तक ही पहुंच सकी।

मसूरी क्वींस की ओर से पूजा राज सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट लिए। वहीं निशा मिश्रा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 12 रन देकर 1 विकेट लिया।

116 रन के जवाब में मसूरी क्वींस ने संभलकर शुरुआत की और 5 ओवर में बिना किसी नुकसान के 30 रन बना लिए। लेकिन अगले ही ओवर में आरती भंडारी आउट हो गईं। इसके बाद याशिका बौंठियाल, नंदिनी कश्यप और एक अन्य बल्लेबाज के जल्दी-जल्दी आउट होने से मसूरी का मध्यक्रम बिखर गया और 10.3 ओवर में स्कोर 43/4 हो गया।

मसूरी क्वीन्स को हराकर चैंपियन बनी देहरादून वॉरियर्स, नीलम को मिला प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब

12 ओवर के बाद मसूरी क्वींस का स्कोर 48/4 था और उन्हें आखिरी 48 गेंदों में 68 रन चाहिए थे। 53 रन के स्कोर पर पांचवां विकेट गिरने के बाद दबाव और बढ़ गया और जरूरी रन रेट लगातार बढ़ता चला गया। इसके बाद गरिमा वशिष्ठ और दीपिका चंद की साझेदारी ने मसूरी की उम्मीदें जरूर जगाईं। लेकिन जैसे अंतरराष्ट्रीय मैचों में आखिरी वक्त पर दबाव बढ़ता है, ठीक वैसे ही मसूरी की टीम दबाव में आ गई और मैच गंवा बैठी।

देहरादून वॉरियर्स ने आखिरी ओवरों में अपने संयम को बनाए रखा और मसूरी क्वींस को लक्ष्य तक पहुंचने नहीं दिया। इस तरह उन्होंने विमेंस यूपीएल 2026 के फाइनल में जीत दर्ज करके ट्रॉफी अपने नाम कर ली।