चमोली
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के आदेशों के अनुपालन में प्रदेश के ऐसे जनपद जिनकी सीमा उत्तर प्रदेश तथा अन्य सीमान्त प्रदेशों से लगती हो, राज्य के कतिपय जनपदों में ऐसे परिवार निवासरत हैं, जो कि दोनों राज्यों में राशनकार्ड के माध्यम से गैस कनेक्शन एवं आयुष्मान जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उक्त के दृष्टिगत जनपद में राशनकार्डों का सत्यापन अभियान पुनः चलाया जाना आवश्यक है। जिससे जनपद में फर्जी राशनकार्ड/आयुष्मान कार्ड/गैस कनेक्शन सम्बन्धी प्रकरणों पर नियंत्रण किया जा सके, जिसके अनुपालन में जनपद चमोली में एक माह के भीतर राशन कार्ड/यूनिटों का सर्वेक्षण/सत्यापन/जांच करते हुए अपात्र परिवारों को योजना से बाहर कर पात्र परिवारों को योजना में सम्मिलित किये जाने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अन्त्योदय/प्राथमिक परिवार कार्डधारकों एवं उत्तराखण्ड राज्य खाद्य योजना के कार्डधारकों का सत्यापन/जांच का कार्य किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत अपात्र परिवारों के राशन कार्ड निरस्त किये जायेंगे।
जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पाण्डेय ने बताया कि उक्त सत्यापन का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में खण्ड विकास अधिकारी/सहायक पंचायत विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा सम्पन्न किया जायेगा तथा शहरी क्षेत्रों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक एवं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत द्वारा सम्पन्न किया जायेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी ने जनपद के समस्त उभोक्ताओं से अपील की कि वे स्वेच्छा से ग्राम पंचायत विकास अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय/खण्ड विकास अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक कार्यालय अथवा जिला पूर्ति कार्यालय, चमोली में अपना राशन कार्ड जमा/समर्पित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सत्यापन/जांच में कोई भी राशन कार्डधारक/उपभोक्ता अपात्र पाया जाता है तो उसके विरूद्व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।