रंवाई लोक महोत्सव में रंवाल्टी कवि सम्मेलन बना आकर्षण का केंद्र लोकभाषा व संस्कृति के संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश।

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रंवाई लोक महोत्सव में रंवाल्टी कवि सम्मेलन बना आकर्षण का केंद्र लोकभाषा व संस्कृति के संरक्षण का दिया गया सशक्त संदेश।
उत्तरकाशी 

नौगांव क्षेत्र में आयोजित रंवाई लोक महोत्सव के दूसरे दिन का कार्यक्रम पूरी तरह लोक-सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया। महोत्सव का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रंवाल्टा के नेतृत्व में आयोजित रंवाल्टी कवि सम्मेलन रहा, जिसमें क्षेत्रीय कवियों ने अपनी बोली-भाषा के माध्यम से समाज को जागरूक करने का सशक्त संदेश दिया।
कवि सम्मेलन में अनुज बनाली, ध्यान सिंह, दिनेश रावत, प्रदीप रावत एवं राजुली बत्रा ने रंवाल्टी बोली में अखाण (लोकोक्तियां) एवं कविताएं प्रस्तुत कीं। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों से मातृभाषा और लोक संस्कृति को संजोए रखने की अपील की। वहीं, कविताओं में राजनेताओं और कथित समाजसेवियों पर किए गए तीखे व्यंग्य को श्रोताओं ने खूब सराहा।
महोत्सव के दौरान इक्कीस ढोल वादकों द्वारा ढोल, दमाऊ और रणसिंगा वाद्य यंत्रों की सामूहिक प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण हो उठा।
इस अवसर पर साहित्यकार दिनेश रावत द्वारा हिंदी, अंग्रेजी एवं रंवाल्टी भाषा में लिखित रंवाल्टी शब्दकोष पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक को रंवाई क्षेत्र की भाषा और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
लोक महोत्सव के अंतर्गत मनोरंजन एवं सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं और पुरुषों के लिए कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को केंद्रीय सूचना ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की टीम द्वारा पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में रवांई घाटी के सुप्रसिद्ध लोक गायक राज सावन, जयदेव राणा एवं किशोर कुमार की टीम ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
रंवाई लोक महोत्सव ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि ऐसे आयोजन लोकभाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में रंवाई लोक महोत्सव टीम के संयोजक शशि मोहन रावत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, जिला पंचायत सदस्य सुखदेव रावत, डॉ. स्वराज विद्वान, डॉ. वीरेंद्र चंद, दिनेश रावत, प्रेम पंचोली, अनोज रावत, प्रदीप रावत, योगेश बंधानी, नरेश नौटियाल, आस्था, श्वेता बंधानी, विजयलक्ष्मी जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।


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