सोनप्रयाग में भूस्खलन के बीच SDRF का बड़ा रेस्क्यू, 10,450 श्रद्धालुओं को निकाला सुरक्षित

खबर शेयर करें

सोनप्रयाग में भूस्खलन के बीच SDRF का बड़ा रेस्क्यू, 10,450 श्रद्धालुओं को निकाला सुरक्षित

मुनकटिया में रात सवा नो बजे हुआ भूस्खलन, SDRF-NDRF के संयुक्त अभियान से मार्ग बहाल

रुद्रप्रयाग 

एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट- श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बीती रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सोनप्रयाग-गौरीकुंड के मध्य मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। मार्ग बाधित होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीच रास्ते में फंस गए।
रात्रि का समय, खराब मौसम और पहाड़ी से लगातार गिरते मलबे के कारण स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई थी। DCR रुद्रप्रयाग से रात सवा नो बजे सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।
मौके पर SDRF और NDRF की संयुक्त टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में टीमें पहले से ही यात्रा मार्ग पर संभावित आपदाओं से निपटने के लिए तैनात थी। इसी तैयारी और त्वरित समन्वय के चलते इतने बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान सफल हो सका।
संयुक्त टीमों ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य और साहस का परिचय देते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे करीब 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मार्ग पार कराया। लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
रेस्क्यू कार्य पूरा होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग पर आए मलबे को हटाया गया, जिसके बाद सड़क को पुनः सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
SDRF और NDRF के इस समन्वित अभियान ने हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित बनाया और आपदा की घड़ी में सुरक्षा बलों की तत्परता, मानवता एवं सेवा भावना को एक बार फिर साबित किया। फिलहाल केदारनाथ यात्रा मार्ग पूरी तरह खुला है।


खबर शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *