आंधी – तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी, जीर्णोद्धार करने की उठाई मांग

गौचर / चमोली
आंधी – तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी, जीर्णोद्धार करने की उठाई मांग

आंधी – तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी, जीर्णोद्धार करने की उठाई मांग
जनपद चमोली के नगरपालिका क्षेत्र गौचर में आऐ भीषण आंधी – तूफान से काली कमली धर्मशाला की छत बीती रात डेढ़ बजे उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जा गिरी। गनीमत रही कि छत से उड़ी हुई टिन की चादरों से किसी प्रकार की अप्रिय घटनाएं घटित नहीं हुई। शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी चादरों को पास ही में काली कमली धर्मशाला के चौकीदार एंव चाय के दुकानदार भूपेन्द्र नेगी द्वारा मजदूर लगवा कर हटवा दिया गया। और इसकी जानकारी बाबा काली कमली धर्मशाला के प्रवंधक को दे दी गई है।

आंधी – तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी, जीर्णोद्धार करने की उठाई मांग
वर्ष 1946 में बना काली कमली धर्मशाला की जीर्ण शीर्ण हालात को देखते हुऐ समय – समय पर जनप्रतिनिधियों व समाजसेवी लोगों द्वारा इसकी उचित देखरेख एंव जीर्णोद्धार किऐ जाने की मांग की जाती रही है‌। लेकिन मुख्य बाजार स्थित इस जीर्ण-शीर्ण अवस्था में खड़े वर्षों पुराने धर्मशाला की ना तो स्थानीय प्रशासन ने और ना ही काली कमली ट्रस्ट वालों ने ही इसकी सुध लेने की आवश्यकता समझी। जबकि धर्मशाला का यह ढांचा आने वाले समय में कभी भी धराशाई हो कर नुकसान पहुंचा सकता है।

आंधी – तूफान से गौचर में काली कमली धर्मशाला की छत उड़ कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरी, जीर्णोद्धार करने की उठाई मांग
धर्मशाला की जीर्ण शीर्ण हालात को देखते हुऐ नगरपालिका अध्यक्ष संदीप नेगी द्वारा भी अभी हाल में बाबा काली कमली धर्मशाला प्रवंधक को पत्र प्रेषित करते हुऐ कहा कि गौचर – बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धर्मशाला की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। धर्मशाला भवन विगत 30 वर्षों से अनुपयोगी एंव बन्द अवस्था में पड़ा है। जबकि पूर्व में इस धर्मशाला का उपयोग साधु संतों एंव यात्रियों के विश्राम हेतु किया जाता था, किन्तु लम्बे समय से रखरखाव के अभाव में भवन अत्यंत जर्जर एंव खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच गया है। यह भवन न केवल नगर की सौंदर्यात्मक छवि को प्रभावित कर रहा है बल्कि जनसुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय बना हुआ है। पालिकाध्यक्ष संदीप नेगी ने कहा है कि अगर संस्था द्वारा धर्मशाला का जीर्णोद्धार नहीं किया जाता है तो नगर क्षेत्र में बढते यातायात एंव पार्किंग की समस्या को दृष्टिगत रखते हुऐ नगरपालिका परिषद इस स्थल का पुनर्विकास कर धर्मशाला के मूल उद्देश्य को संरक्षित रखते हुऐ आधुनिक सुविधाओं सहित जनोपयोगी भवन एंव पार्किंग व्यवस्था विकसित करना चाहती है।