जनसेवा और विकास को समर्पित रही रघुवीर सिंह बिष्ट की कार्यशैली, चमोली में सड़क से लेकर रोजगार तक कई मुद्दों पर किए प्रयास
चमोली।
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष चमोली एवं रुद्रप्रयाग के सह प्रभारी रहे रघुवीर सिंह बिष्ट ने अपने कार्यकाल के दौरान जनहित, विकास और सामाजिक सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सड़क संपर्क, पर्यटन विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, स्वरोजगार, नशामुक्ति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए प्रयासों को उनके समर्थक जनसेवा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हैं।

बिष्ट के अनुसार, चमोली के दूरस्थ क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष विभिन्न सड़क परियोजनाओं और घोषणाओं को लेकर मांग रखी। इसी क्रम में ग्वालदम-वाण-रामणी-पाणा-तपोवन आर्मी स्टाफ रोड को करीब 100 किलोमीटर तक स्वीकृति मिलने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। उनका कहना है कि इस मार्ग के विकसित होने से भविष्य में चीन सीमा की दूरी कम करने के साथ ही देवाल, नंदानगर, दशोली और ज्योतिर्मठ विकासखंडों को जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार और पर्यटन के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
पर्यटन के क्षेत्र में उन्होंने ‘एक जिला-एक डेस्टिनेशन’ की अवधारणा से आगे बढ़कर चमोली के विभिन्न पर्यटन स्थलों के समग्र विकास का सुझाव दिया। दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे योजना के विस्तार की पहल भी की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर रहा।
ऐतिहासिक दुर्मी ताल के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण को लेकर भी तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष पहल किए जाने का दावा किया गया है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पीएचसी, सीएचसी और जिला चिकित्सालयों में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, ऑक्सीजन प्लांट सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग सरकार के समक्ष रखी गई।

कोरोना महामारी के दौरान अन्य राज्यों और विदेशों से लौटे युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को प्रभावी रूप से लागू कराने के प्रयास किए गए। साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने, विभिन्न स्थानों पर लंगर सेवा आयोजित करने तथा मास्क और सैनिटाइजर वितरण के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाने की बात भी सामने आई।
राहत कार्यों के तहत प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1.51 लाख-₹1.51 लाख का व्यक्तिगत योगदान देने तथा अन्य लोगों को भी सहयोग के लिए प्रेरित करने का दावा किया गया है। इसके अलावा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए चमोली के गांव-गांव में निधि समर्पण अभियान चलाने में सक्रिय भूमिका निभाने और स्वयं ₹1.08 लाख का योगदान देने की जानकारी दी गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से शराब एवं नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। वहीं कोरोना काल में किसानों को मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, फलोद्यान और बागवानी जैसी गतिविधियों से जोड़ने के लिए सरकार और ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
रघुवीर सिंह बिष्ट की ओर से किए गए इन प्रयासों में सड़क, स्वास्थ्य, पर्यटन, स्वरोजगार, कृषि, नशामुक्ति और सामाजिक सेवा को प्रमुखता दी गई है। समर्थकों का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य चमोली के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करना रहा है।
“समर्पण, सेवा और विकास के संकल्प के साथ रघुवीर सिंह बिष्ट की जनसेवा यात्रा” को इसी दिशा में किए गए प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।