चमोली
कर्णप्रयाग में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा: उधारी और अपमान बना हत्या की वजह, शव नदी में फेंका
जनपद चमोली के कर्णप्रयाग क्षेत्र में मिले अज्ञात शव मामले का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुऐ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या कर शव को अलकनंदा नदी में फेंका गया था। 10 मार्च को मिला था मृतक का संदिग्ध शव।
बीते 10 मार्च 2026 को थाना कर्णप्रयाग को सूचना मिली कि लंगासू स्थित चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पाया गया कि शव करीब 20-25 दिन पुराना था और मृतक के हाथ – पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “SOORAJ PUROHIT” लिखा हुआ था, लेकिन कोई पहचान पत्र नहीं मिला। पहचान के प्रयास रहे असफल, किया अंतिम संस्कार
पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की, फिंगरप्रिंट लिऐ और फोटो सोशल मीडिया व पुलिस नेटवर्क (DCRB/SCRB) में प्रसारित किये। 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम कर शव का कर्णप्रयाग संगम पर हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
“सोशल मीडिया से हुई पहचान”
पुलिस के अनुसार 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी थाना कर्णप्रयाग पहुंचीं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद शव की फोटो से अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में पहचान की। उन्होंने बताया कि उनके पति गुजरात में काम करते थे और पिछले 5-6 वर्षों से परिवार के संपर्क में नहीं थे।
“सर्विलांस और सीसीटीवी से खुला राज” पुलिस ने मृतक के मोबाइल नंबर की जांच की, जिसमें अंतिम लोकेशन 15 फरवरी को नन्दप्रयाग में मिली। इसके बाद पुलिस ने नन्दप्रयाग बाजार के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों से पूछताछ की। जांच में पता चला कि मृतक नन्दप्रयाग में एक होटल में रह रहा था और मधुबन ढाबे में काम करता था।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल मृतक के शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर अपनी कार (UK12A-3212) की डिग्गी में रखते हुए और फिर पुल की ओर ले जाते हुऐ दिखाई दिया। बाद में वह वाहन को धोते हुऐ भी नजर आया। पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी नरेन्द्र तोपाल ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे। मृतक शराब के नशे में उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था, जिससे आहत होकर उसने 16 फरवरी की रात हत्या कर दी और शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया।
मामले में थाना कर्णप्रयाग में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद कर ली है।”पुलिस टीम को मिली सफलता”। इस पूरे मामले के खुलासे में कर्णप्रयाग थाना, लंगासू चौकी, गौचर चौकी व एसओजी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में गठित एसआईटी ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश किया। इस खुलासे को लेकर पूरी टीम को आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने पाँच हजार ईनाम देने की घोषणा की ।
इस खुलासे में पुलिस टीम में शामिल प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल थाना कर्णप्रयाग, वरिष्ठ उप निरीक्षक संजय नेगी, थाना कर्णप्रयाग, उप निरीक्षक मानवेन्द्र सिंह गुसाईं चौकी प्रभारी गौचर, उप निरीक्षक अमनदीप सिंह चौकी प्रभारी लंगासू, हेड कांस्टेबल देवेन्द्र बिष्ट , हेड कांस्टेबल प्रदीप बहुखंडी, कांस्टेबल सतीश गुसाई, चालक कांस्टेबल संतोष चौहान ने पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम की सक्रियता से इस जघन्य हत्याकांड का सफल खुलासा किया गया।