ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्वरोजगार

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बेकरी व्यवसाय से बदली जिंदगी, आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहीं पूजा देवी

चमोली

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूरदर्शी सोंच को साकार करते हुये ग्रामीण महिलाओ के सशक्तिकरण के अंतर्गत महिलाओ को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) सहायतित ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम कोलानी की निवासी श्रीमती पूजा देवी, सदस्य गणेश स्वयं सहायता समूह एवं सरस्वती स्वायत्त सहकारिता, माईथान को बेकरी यूनिट व्यक्तिगत उद्यम स्थापित करने हेतु ₹75,000 की REAP परियोजना सहायता प्रदान की गई।

परियोजना से प्राप्त सहयोग के माध्यम से पूजा देवी ने अपने गांव में बेकरी यूनिट स्थापित कर स्वरोजगार का एक सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। वर्तमान में वे विभिन्न प्रकार के बेकरी उत्पाद तैयार कर स्थानीय बाजारों एवं आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध करा रही हैं। उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे वे प्रतिमाह लगभग ₹40,000 से ₹50,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस उद्यम ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि उन्हें गांव में एक सफल महिला उद्यमी के रूप में नई पहचान भी दिलाई है।

पूजा देवी ने बताया कि,
“REAP परियोजना से मिले सहयोग ने मुझे अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। पहले मैंने छोटे स्तर से काम शुरू किया था, लेकिन आज मेरा बेकरी व्यवसाय अच्छी आय का स्रोत बन गया है। इससे मुझे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने में मदद मिली है।”

ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्वरोजगार के माध्यम से उनकी आय में वृद्धि करना है। परियोजना के अंतर्गत दिए जा रहे सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है और महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।


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