चमोली
आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर में हुआ पहला ऐतिहासिक वार्षिकोत्सव, समारोह में महिलाओं ने बांधा समां
जनपद चमोली के आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर में पहला ऐतिहासिक वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। डिम्मर को आदर्श संस्कृत ग्राम का गौरव एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गांव में भव्य रूप से साप्ताहिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

इस वार्षिकोत्सव ने जहां एक ओर देववाणी संस्कृत की समृद्ध परम्परा को जीवंत किया, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य समीर मिश्रा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान हुई संस्कृत प्रतियोगिता में मंजू देवी डिमरी, सन्तोषी खंडूड़ी, बबली डिमरी, सुबोधनी देवी डिमरी ने क्रमश प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। जिन्हें पुरूष्कृत किया गया।
आज के आधुनिक युग में जहां पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव बढ़ रहा है, वहीं आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। पिछले एक वर्ष में इस गांव ने संस्कृत को केवल पूजा पाठ की भाषा न रखकर,इसे रोजमर्रा के व्यावहारिक जीवन में ढालने का भागीरथ प्रयास किया है। वार्षिकोत्सव के दौरान आयोजित इस साप्ताहिक कार्यक्रम में गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में संस्कृृत
के प्रति अगाध प्रेम दिखाई दिया। इस अवसर पर पूरा गांव वैदिक मंत्रोच्चार और संस्कृत के श्लोक से गुंजायमान रहा।
भाष्करानंद डिमरी की अध्यक्षता में हुऐ इस भव्य समारोह को सफल बनाने में आदर्श संस्कृत ग्राम डिम्मर के प्रबुद्ध जनों और विशिष्ट नागरिकों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गांव के प्रमुख व्यक्तित्व सतीश डिमरी, उमेश डिमरी, राकेश डिमरी, श मनीष डिमरी और भुवन डिमरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर उपस्थित रहे।
इसके साथ ही गांव के वयोवृद्ध विद्वानों, मातृशक्ति और युवा वर्ग ने एक साथ मिलकर मुख्य अतिथि का पारंपरिक वाद्य यंत्रों और पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में शैलैश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित विशिष्ट अतिथि सुनीता खंडूरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संयोजक एवं आयोजक बिनिता डिमरी, ग्राम प्रधान डिम्मर दुर्गेश प्रसाद ग्राम शिक्षक के अलावा आचार्य गणेश चन्द्र खंडूड़ी, विनोद खंडूड़ी, सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा राम मैदुली, शशि देवी,सन्तोषी खंडूड़ी, मंजू देवी, निधि देवी डिमरी महिला मंगल दल अध्यक्षा, युवक मंगल दल अध्यक्ष गौतम डिमरी, सहित भारी संख्या में महिलाएं व पुरुष मौजूद रहे।