प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान की भावना बलवती होती है: डॉ घिल्डियाल।
देहरादून ।
प्रतियोगिताएं चाहे किसी भी क्षेत्र में हो उसमें जो भी विद्यार्थी प्रतिभाग करते हैं ,उनके अंदर आत्मविश्वास और आत्म सम्मान की भावना बलवती होती है, और इससे उनके जीवन का प्रत्येक क्षेत्र में सकारात्मक विकास होता है।
उपरोक्त विचार सहायक निदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा आचार्य डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने व्यक्त किए ,वह आज उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित खंड स्तरीय छात्र प्रतियोगिताओं का कन्या गुरुकुल महाविद्यालय राजपुर रोड में मुख्य अतिथि के रूप में समापन कर रहे थे। सहायक निदेशक ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हार और जीत महत्वपूर्ण नहीं होती है ,बल्कि उसमें प्रतिभाग करना महत्वपूर्ण होता है, उससे जहां एक तरफ विद्यार्थियों की विभिन्न रुचियो का विकास होता है, तो दूसरी तरफ शिक्षकों के उनके प्रति व्यवहारिक ज्ञान का पता चलता है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ आसाराम मैठाणी को पूरे देहरादून जनपद में रायपुर विकासखंड में सबसे सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए डॉक्टर घिल्डियाल ने खंड स्तर पर छह विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को नगद धनराशि एवं प्रशस्ति पत्र तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षकों को भी प्रशस्ति पत्र देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
प्रतियोगिताओं में कढ़ी प्रतिस्पर्धा में श्लोक उच्चारण में श्री गुरु राम राय संस्कृत महाविद्यालय के छात्र अनूप भट्ट ने प्रथम स्थान, शिवनाथ संस्कृत महाविद्यालय के छात्र विधानसभा से मल ने द्वितीय स्थान तथा द्रोण स्थली आर्ष आ कन्या गुरुकुल की अदिति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर निर्णायक मंडल सहित आयुर्वेद की प्रोफेसर डॉ बीना पुरोहित, आर्ष कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर दीपशिखा, प्रवक्ता अंजू कॉमेडी, सरिता सयाना , राजकीय डिग्री कॉलेज सुद्धोवाला की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नीतू बलूनी, डॉ शैलेंद्र डंगवाल सहित रायपुर विकासखंड के प्रधानाचार्य, शिक्षक ,कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।