पीएम मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
2.5 घंटे में तय होगा सफर उत्तराखंड को मिली विकास की नई रफ्तार
देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर उत्तराखंड को बड़ी सौगात दी। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही अब दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। लगभग 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर भी कहा जा रहा है, जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और देहरादून में करीब 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने रिमोट के माध्यम से एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया और जनसभा को संबोधित किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के विकास को नई ऊर्जा देगा और चारधाम, मसूरी तथा ऋषिकेश जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य को वर्षभर पर्यटन हब के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस पहल का समर्थन करने की अपील की और आगामी विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा का उल्लेख किया।
साथ ही, प्रधानमंत्री ने तीर्थ स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक पवित्र भूमि है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों की जिम्मेदारी है कि वे इसकी स्वच्छता बनाए रखें। उन्होंने आगामी कुंभ मेले को दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने घोषणा की कि सहारनपुर से हरिद्वार को जोड़ने वाला मार्ग भी जून तक तैयार हो जाएगा, जिससे इस कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ेगी।
करीब 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की कई विशेषताएं हैं। इसमें 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड मार्ग, एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का वाइल्डलाइफ कॉरिडोर, हाथियों के लिए विशेष अंडरपास, कई पुल और इंटरचेंज शामिल हैं। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत बड़ी संख्या में वृक्षारोपण किया गया है।
यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय कम करेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई दिशा देगा।