टीएचडीसीआईएल ने विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रथम इकाई के स्टेटर का सफल लोअरिंग

 

टीएचडीसीआईएल ने विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रथम इकाई के स्टेटर का सफल लोअरिंग

पिपलकोटी/चमोली

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने (4×111 मेगावाट) विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) में एक महत्वपूर्ण निर्माण मील का पत्थर हासिल करते हुए 15 अप्रैल 2026 को यूनिट-1 के पूर्ण रूप से संयोजित स्टेटर का सफलतापूर्वक लोअरिंग किया। यह उपलब्धि परियोजना के कमीशनिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।p

टीएचडीसीआईएल ने विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रथम इकाई के स्टेटर का सफल लोअरिंग

इस अवसर पर कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से उपस्थित टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री सिपन कुमार गर्ग ने पूरे परियोजना दल को उनकी प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और अथक परिश्रम के लिए बधाई दी। उन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और जटिल इंजीनियरिंग चुनौतियों के बावजूद इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल करने के लिए वीपीएचईपी टीम के प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर श्री के.पी. सिंह, महाप्रबंधक (टीबीएम/पीएच), श्री रविन्द्र सिंह राणा, महाप्रबंधक (ईएम), श्री अजय कुमार, अपर महाप्रबंधक (जी एंड जी), श्री ओ.पी. आर्य, अपर महाप्रबंधक (सीओ/टाउनशिप), श्री एस.पी. डोभाल, अपर महाप्रबंधक (पीएच), श्री आर.एस. पंवार, उप महाप्रबंधक (सीओ), श्री करण बरगली, उप महाप्रबंधक (ईएम), श्री अनिल राज, उप महाप्रबंधक (ईएम) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

टीएचडीसीआईएल ने विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रथम इकाई के स्टेटर का सफल लोअरिंग

परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी) श्री अजय वर्मा ने टीएचडीसीआईएल नेतृत्व के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि स्टेटर का सफल लोअरिंग परियोजना के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो सभी हितधारकों के बीच उत्कृष्ट समन्वय, सटीक इंजीनियरिंग और टीमवर्क को दर्शाता है।

महाप्रबंधक (ईएम) श्री आर.एस. राणा ने सीएमडी को वीपीएचईपी परियोजना में चल रही विद्युत-यांत्रिक स्थापना गतिविधियों की जानकारी दी।

हाइड्रो जनरेटर, जो परियोजना का एक महत्वपूर्ण विद्युत-यांत्रिक घटक है, मुख्य रूप से दो भागों—स्टेटर (स्थिर भाग) और रोटर (घूर्णनशील भाग)—से मिलकर बना होता है। स्टेटर विद्युत उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है, जहां विद्युत ऊर्जा का उत्पादन विद्युत-चुंबकीय प्रेरण के माध्यम से होता है।

 

टीएचडीसीआईएल ने विष्णुगाड-पिपलकोटी जलविद्युत परियोजना में हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रथम इकाई के स्टेटर का सफल लोअरिंगयूनिट-1 के स्टेटर को 170 टन के कुल भार के साथ तीन बड़े खंडों में परियोजना स्थल तक पहुँचाया गया, जिसमें पर्वतीय क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितिoयों के कारण कई लॉजिस्टिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इन खंडों को स्थल पर स्टेटर बार इंस्टॉलेशन, उच्च वोल्टेज (एचवी) परीक्षण, ब्रेज़िंग, इन्सुलेशन और नियंत्रित ड्राइंग जैसी जटिल प्रक्रियाओं के माध्यम से सावधानीपूर्वक संयोजित किया गया।

यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल की समयबद्ध परियोजना निष्पादन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता एवं सतत विकास के माध्यम से भारत की जलविद्युत क्षमता को सुदृढ़ करने में उसकी भूमिका को और मजबूत करती है।