बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा विवाद पर बढ़ा जनाक्रोश
कांग्रेस विधायक लखपत बुटोला का मौन व्रत; एसआईटी जांच की मांग
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को हटाने की मांग तेज
जोशीमठ से बदरीनाथ तक विरोध-प्रदर्शन
बदरीनाथ।
बदरीनाथ धाम में कथित चढ़ावा और दान राशि में हेराफेरी के आरोपों को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को जोशीमठ के मुख्य चौराहे पर स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने प्रदेश सरकार तथा बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं मंगलवार को बदरीनाथ धाम में कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर सिंह द्वार के बाहर मौन व्रत रखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
करीब एक घंटे तक चले मौन व्रत में ब्लॉक प्रमुख ज्योतिर्मठ अनूप नेगी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। विधायक बुटोला ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी प्रशासन और सरकार मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक अथवा एसआईटी जांच कराने की मांग उठाई।
मौन व्रत से पूर्व विधायक लखपत बुटोला ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि भैरव सेना नामक संगठन ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे तथा दान की राशि में आर्थिक हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद बीकेटीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। साथ ही गणना प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।
इधर, अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए कथित दान विवाद के बाद बदरीनाथ धाम में लगे इन आरोपों ने भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता और श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित करती हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।
प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पद से हटाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।